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सुबह-सवेरे इस आरती और मंत्र को सुनने से धन-दौलत बढ़ने की है मान्यता

Laxmi Mantra: अगर धन संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाना चाहते हैं या अटका हुआ धन प्राप्त करना चाहते हैं तो सुबह-सुबह 'पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्' इस मंत्र का जाप अवश्य करें।

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अगर आप चाहते हैं कि आपका दिन खुशनुमा रहे और आपको हर काम में सफलता हासिल हो तो आप इस आरती और मंत्र को सुनकर या गाकर अपना दिन शुरू कर सकते हैं।

Morning Aarti And Mantra: कहते हैं अगर दिन की शुरुआत अच्छी हो जाए तो पूरा दिन अच्छा ही गुजरता है। इसलिए हर व्यक्ति अपनी सुबह पॉजिटिव बनाने की कोशिश करता है। कोई सुबह जल्दी उठकर नहा धोकर पूजा पाठ करता है तो कोई भगवान के भजन सुनता है। हर कोई अपने-अपने तरीके से दिन की शुरुआत करता है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिन खुशनुमा रहे और आपको हर काम में सफलता हासिल हो तो आप इस आरती और मंत्र को सुनकर या गाकर अपना दिन शुरू कर सकते हैं।

सुबह-सुबह इन मंत्रों का करें जाप
धन प्राप्ति के लिए मंत्र- 'पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्'
सफलता प्राप्ति के मंत्र- 'ऊं श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम:'
कर्ज से मुक्ति पाने के लिए मंत्र- 'ऊं ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा'
आर्थिक संकट से मुक्ति पाने के लिए मंत्र- 'धनाय नमो नम:' और 'ऊं धनाय नम:'
मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए मंत्र- 'ओम लक्ष्मी नम:'

माता लक्ष्मी की आरती (Lakshmi Mata Ki Aarti): कहते हैं सुबह-सुबह जो व्यक्ति सच्चे मन से माता लक्ष्मी की आरती सुनता या गाता है उसे आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है। आप चाहें तो यूट्यूब पर इस आरती को सुन सकते हैं या खुद भी इस आरती को पूजा के समय गा सकते हैं। पढ़ें माता लक्ष्मी की आरती...
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता
सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

दुर्गा रूप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

तुम पाताल-निवासिनि, तुम ही शुभदाता
कर्म-प्रभाव-प्रकाशिनी, भवनिधि की त्राता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

जिस घर में तुम रहतीं, सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता, मन नहीं घबराता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

तुम बिन यज्ञ न होते, वस्त्र न कोई पाता
खान-पान का वैभव, सब तुमसे आता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

शुभ-गुण मन्दिर सुन्दर, क्षीरोदधि-जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन, कोई नहीं पाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

महालक्ष्मीजी की आरती, जो कोई नर गाता
उर आनन्द समाता, पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत,
मैया जी को निशदिन सेवत हरि विष्णु विधाता
ॐ जय लक्ष्मी माता-2

भगवान विष्णु जी की आरती: कहते हैं भगवान विष्णु की पूजा करने से माता लक्ष्मी जल्द प्रसन्न हो जाती हैं। इसलिए माता लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान विष्णु की पूजा भी करनी चाहिए।
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे।
भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का।
सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय...॥

मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय...॥

तुम पूरन परमात्मा, तुम अंतरयामी॥
पारब्रह्म परेमश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय...॥

तुम करुणा के सागर तुम पालनकर्ता।
मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय...॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति।
किस विधि मिलूं दयामय! तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय...॥

दीनबंधु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे।
अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय...॥

विषय विकार मिटाओ, पाप हरो देवा।
श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय...॥

तन-मन-धन और संपत्ति, सब कुछ है तेरा।
तेरा तुझको अर्पण क्या लागे मेरा॥ ॐ जय...॥

जगदीश्वरजी की आरती जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, मनवांछित फल पावे॥ ॐ जय...॥
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