
श्रीराम राजालोक : परीक्षण के बाद इनका बदलेगा स्वरूप
सागर/ओरछा. रामराजा लोक में चतुर्भुज मंदिर को अब पुराने भव्य रूप में सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए विशेषज्ञ इसके चारों ओर सालों पहले बनाए गई दीवारों को हटाने पर पड़ने वाले प्रभाव की जांच करेगी। वहीं इस परिसर में स्थित सावन-भादौ के ऐतिहासिक खंभों के कक्ष को साधना केंद्र के रूप में बदलने पर भी विचार किया जा रहा है। रामराजा लोक का काम देखने पहुंचे पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला के निर्देशन पर विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। वहीं मप्र को एक और साधना केंद्र मिलेगा।
ओरछा में श्रीराम राजा मंदिर परिसर के बाजू से पत्थर का विशाल चतुर्भुज मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर का निर्माण श्रीराम राजा को विराजमान कराने के लिए किया गया था, लेकिन वह इसमें नहीं विराजे थे। अयोध्या से ओरछा आने की अपनी शर्त के अनुसार महारानी कुंवर गणेश ने उन्हें निवास में बैठा दिया तो फिर वह उठे नहीं थे। इसके बाद यह मंदिर खाली पड़ रहा तो यहां पर चतुर्भुज भगवान की स्थापना कर दी गई थी। समय के साथ इस भव्य मंदिर की एक साइड जहां दुकानों का निर्माण कर दिया गया था तो वहीं कुछ समय पहले यहां पर राम राजा कला दीर्घा की स्थापना कर दी गई थी।
वहीं इस मंदिर बेस से लगी दीवारों का निर्माण किया गया है। ऐसे में सामने से तो इस मंदिर की भव्यता दिखाई देती है, लेकिन पास आने पर दर्शनार्थियों को इसके पूरे स्वरूप का दर्शन नहीं होता है। रविवार को यहां पर पहुंचे पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव शिव शेखर शुक्ला ने इसे आधार तक साफ करने और इसे पुराने रूप में वापस लाने के निर्देश दिए है, लेकिन यह काम विशेषज्ञों की राय पर करने को कहा गया है। पर्यटन विभाग के उपयंत्री पीयूष वाजपेयी का कहना है कि सचिव के निर्देशन पर अब इस मंदिर के बेस से खड़ी गई दीवाल को हटाने के पूर्व इसका परीक्षण किया जाएगा। उनका कहना था कि यह दीवाल भी सालों पहले बनी थी, ऐसे में इसे हटाने पर मंदिर पर इसका क्या प्रभाव होगा यह देखा जाएगा। उनका कहना था कि यदि इसे हटाने से मंदिर की मजबूती पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ता है, तभी आगे काम किया जाएगा। वहीं उन्होंने बताया कि परिसर का निर्माण होने पर मंदिर से लगी सभी दुकानों को हटाया जाएगा। वहीं मंदिर के पीछे बने कॉम्प्लेक्स को भी यहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। यह पूरा परिसर खाली होने पर चतुर्भुज मंदिर अपने पुराने स्वरूप में लौट आएगा।
बनेगा साधना केंद्र
वहीं ओरछा आने वाले श्रद्धालुओं को साधना करने के लिए कक्ष बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं। विदित हो कि कुछ साल पूर्व मंदिर प्रबंधन द्वारा भोजन शाला के बाजू से लगे बरामदे में यह सुविधा दी गई थी। ओरछा पहुंचने वाले कई श्रद्धालु यहां पर आकर भगवान का जाप, पूजन करते हैं। ऐसे में इन लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए अब सावन-भादौ के पुराने कक्ष में यह व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए है। इसके लिए भी पर्यटन विभाग परीक्षण करने के बाद आगे की योजना पर काम करेगा।
Published on:
21 May 2024 07:59 pm
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