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शिव मंदिर जा रहे हैं तो भूलकर भी ना करें ये गलती, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल

शिव मंदिर जा रहे हैं तो भूलकर भी ना करें ये गलती, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल

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भोपाल

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Tanvi Sharma

Feb 21, 2020

शिव मंदिर जा रहे हैं तो भूलकर भी ना करें ये गलती, वरना नहीं मिलेगा पूजा का फल

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की पूजा का दिन माना जाता है। शिव जी को वरदान देने वाले देवता कहा जाता है, शिव अपने नाम भोलेनाथ के अनुसार बहुत ही भोले माने जाते हैं। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा करने पर भक्तों की मनोकामना पूरी होती है।

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कुछ लोग घरों में ही भगवान शिव की पूजा करते हैं वहीं कुछ लोग मंदिर में जाकर दर्शन करते हैं। लेकिन क्या आपको पता है भगवान शिव की पूजा करने के लिये नियम होते हैं उसी प्रकार मंदिर में भगवान के दर्शन करने के लिये भी कुछ नियम व सावधानियां हैं, जिनका हमें ध्यान रखना चाहिये। वरना हमारी पूजा अधूरी मानी जाती है। तो आइए जानते हैं क्या ना करें इस दिन...

ऐसे चढ़ाएं भगवान को प्रसाद

भगवान शिव की पूजा में जब भोग लगायें तो इस बात का हमेशा ध्यान रखें की प्रसाद कभी भी शिवलिंग के ऊपर ना रखें। हमेशा किसी पात्र में रखकर ही शिवलिंग को प्रसाद चढ़ाएं और उसे शिवलिंग के पास रख दें। क्योंकि शिवलिंग के ऊपर रखा प्रसाद कभी स्वीकार नहीं किया जाता है।

शिव की परिक्रमा करते समय ध्यान रखें ये बात

भगवान शिव की परिक्रमा करते समय इस बात का खास ख्याल रखें की हमेशा आधीपरिक्रमा करें। अर्थात परिक्रमा हमेशा शिवलिंग के बाईं ओर से शुरू करें और जहां से भगवान को चढ़ाया जल बाहर निकलता है, वहां तक जाकर वापस आ जाएं और फिर विपरीत दिशा में जाकर जलाधारी के दूसरे सिरे तक आकर परिक्रमा को पूरा करें। शिव जी की यही परिक्रमा स्वीकारी जाती है। क्योंकि पूजा के बाद परिक्रमा बहुत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है।

शिव जी को ना चढ़ाएं ये फूल

शिव जी की पूजा में कभी चमेलीस चंपा, कुन्द, जूही, केसर आदि के फूल नहीं चढ़ाने चाहिये। क्योंकि ये फूल शिव जी को प्रिय नहीं होते हैं। वहीं शिव जी को हमेशा शमी, आक, पलाश आदि फूल अर्पित करना चहिये।

पूजा में ना करें टूटे अक्षत

भगवान शिव की पूजा में अक्षत का प्रयोग अनिवार्य होता है, लेकिन ध्‍यान रखें कि ये अक्षत टूटे हुए नहीं होने चाहिए। शास्त्र कहते हैं कि टूटा हुआ चावल अपूर्ण और अशुद्ध होता है इसलिए यह शिव जी को नहीं चढ़ता।

भूलकर भी ना लांघे जलस्थान

मान्‍यता है कि जहां से शिवलिंग पर चढ़ा जल बाहर निकलता है वहां ऊर्जा और शक्ति का परम भंडार होता है। इस स्‍थान को लांघने से वीर्य या रज और इनसे जुड़ी शारीरिक क्रियाओं की ऊर्जा पर बुरा असर पड़ सकता है। इसलिए इस स्‍थान को लांघा नहीं जाता है। इसलिए परिक्रमा करते समय इस बात का ध्‍यान जरूर रखें।