
फरवरी में मंगल ग्रह की बदलेगी चाल
Mangal Transit 2022: वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को ग्रहों के सेनापति का दर्जा प्राप्त है। ये मेष और वृश्चिक राशि का स्वामी है। ऊर्जा और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। चुनौतियों से लड़के का हौसला देता है। जिन जातकों की कुंडली में ये ग्रह शुभ स्थिति में होता है वो लोग साहसी और आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं। मंगल किसी भी राशि में डेढ़ महीने तक रहता है। 26 फरवरी को ये ग्रह अपनी उच्च राशि मकर में प्रवेश करेगा। ये गोचर मेष, वृषभ और कन्या राशि वालों के लिए सबसे शुभ साबित होगा। आइए जानते हैं मंगल ग्रह से जुड़ी दिलचस्प बातें।
स्कंद पुराण के अनुसार इस ग्रह की उत्पत्ति भगवान विष्णु के पसीने की बूंद से धरती द्वारा हुई है। वहीं महाभारत अनुसार मंगल की उत्पत्ति भगवान कार्तिकेय के शरीर से हुई है। कुछ लोगों का मानना है कि मंगल पृथ्वी के ही पुत्र हैं। जिन्हें भौम नाम से भी जाना जाता है।
मंगल को लाल ग्रह के नाम से जाना जाता है क्योंकि ये लाल रंग का दिखाई देता है। मंगल ग्रह पर भी पृथ्वी की तरह ज्वालामुखी, घाटियां, रेगिस्तान और ध्रुवीय बर्फीली चोटियां हैं। हमारी पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा लगाने में 365 दिन लगते हैं तो वहीं मंगल को पूरा चक्कर लगाने में 687 दिन लग जाते हैं। इसलिए मंगल ग्रह पर एक साल 687 दिनों का होता है।
गर्मियों में मंगल ग्रह का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहता है तो ठंड में यह शून्य से घटकर 140 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। पृथ्वी और मंगल ग्रह दोनों पर गुरुत्वाकर्षण शक्ति अलग है। धरती पर अगर किसी व्यक्ति का वजन 45 किलोग्राम होगा तो मंगल ग्रह पर उसका वजन घटकर 17 किलोग्राम के आस-पास ही रह जाएगा।
पृथ्वी पर एक चंद्रमा है तो मंगल ग्रह पर दो चांद है। जिनका नाम फोबोस और डेमियोस है। धरती की तरह ही मंगल ग्रह पर भी चार मौसम आते हैं पतझड़, ग्रीष्म, शरद और शीत। बस अंतर इतना है कि धरती की तुलना में मंगल ग्रह पर हर मौसम लगभग दोगुना ज्यादा समय तक रहता है। ये दोनों ग्रह करीब दो साल में एक दूसरे के सबसे ज्यादा करीब आते हैं। नासा के मुताबिक अक्टूबर 2020 में मंगल ग्रह धरती के सबसे नजदीक आया था। माना जा रहा है कि अब ये दोनों एक दूसरे के करीब 2022 के दिसंबर में आएंगे।
Published on:
18 Feb 2022 03:07 pm
बड़ी खबरें
View Allट्रेंडिंग
