19 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महू-सनावद ब्राडगेज प्रोजेक्टरू तीन माह बाद भी शुरू नहीं हुआ काम

-मोरटक्का ब्रिज का टेंडर भी निरस्त हुआ, महू-मुख्तियारा बलवाड़ा रूट सर्वे रिपोर्ट भी पूरी नहीं हुई-2026 तक पूरा करना है महू-मुख्तारा बलवाड़ा-सनावद ब्राडगेज प्रोजेक्ट-इस प्रोजेक्ट के लिए मिले हैं 888 करोड़ रुपए

2 min read
Google source verification

image

Shailendra shirsath

Jul 04, 2022

महू-सनावद ब्राडगेज प्रोजेक्टरू तीन माह बाद भी शुरू नहीं हुआ काम

महू-सनावद ब्राडगेज प्रोजेक्टरू तीन माह बाद भी शुरू नहीं हुआ काम

डॉ. आंबेडकर नगर (महू). रतलाम-इंदौर-खण्डवा-अकोला ब्राडगेज प्रोजेक्ट को 14 साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट कई हिस्सों में अधूरा ही है। इस बार इस प्रोजेक्ट के लिए सबसे ज्यादा 888 करोड़ रुपए बजट में मिले हैं। बावजूद मंडल अफसर प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर नहीं है। इस प्रोजेक्ट में महू.सनावद सेक्शन को ब्राडगेज लाइन करने की डेटलाइन मार्च 2026 तय कर दी है। सेक्शन को दो हिस्सों में बनाया जाएगा। जिसमें पहला हिस्सा सनावद-मुख्तारा बलवाड़ा मार्च 2024 तक पूरा किया जाना है। लेकिन रेलवे ने प्रोजेक्ट को लेकर तीन माह बाद भी काम शुरू नहीं किया है। गत माह मोरटक्का स्थित नर्मदा नदी पर ब्राडगेज ब्रिज बनाने के लिए टेंडर भी जारी किए गए थे, जिसे सप्ताहभर में ही निरस्त कर दिया गया। इसके साथ ही महू-मुख्तियारा बलवाड़ा के बीच रूट सर्वे रिपोर्ट अभी तक ओके नहीं हुई है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बार प्रोजेक्ट डेडलाइन पर पूरा नहीं हो पाएगा।
जानकारी के अनुसार रतलाम-इंदौर-खण्डवा-अकोला गेज कन्वर्जन प्रोजेक्ट 2008 में शुरू हुआ था।वर्तमान में इस प्रोजेक्ट में रतलाम-फतेहाबाद-इंदौर-महू तक और सनावद-मथेला,खण्डवा तक ब्राडगेज लाइन तैयार हो चुकी है। वहीं खण्डवा-अकोला के बीच कुछ हिस्सों में ब्राडगेज लाइन का काम चल रहा है। प्रोजेक्ट पूरा होने पर इंदौर-मुंबई की दूरी 70 किमी और उत्तर-दक्षिण के बीच ट्रेनों की दूरी 170 किमी तक कम हो जाएगी।
टेंडर तक जारी नहीं किए
इस बार रेल प्रोजेक्ट के लिए 888 करोड़ जारी हुए हैं। शुरुआत में रेलवे ने सनावद-बलवाड़ा सेक्शन के बीच टेंडर प्रोसेस शुरू की थी, लेकिन आज तक टेंडर जारी नहीं हुआ है। वहीं नर्मदा नदी पर ब्रिज बनाने के लिए टेंडर तो जारी किया, लेकिन सप्ताहभर में ही निरस्त कर दिया। वहीं महू-बलवाड़ा के बीच जिस एजेंसी को रूट सर्वे रिपोर्ट बनाने के लिए कहा गया था, उसने काम बीच छोड़ दिया। इसके बाद नई एजेंसी को यह काम सौंपा गया है। करीब 3 माह बाद भी इस प्रोजेक्ट लेकर रेलवे एक कदम भी आगे नहीं बढ़ पाई है। डीआरएम विनीत गुप्ता ने बताया कि प्रोजेक्ट को समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। नर्मदा ब्रिज को लेकर जल्द नए सिरे से टेंडर जारी किया जाएगा।
फोटो. एमडब्लयू0503. मीटरगेज लाइन।