
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की मौजूदगी में सभी महानगरपालिका आयुक्त, जिला कलक्टर और जिला विकास अधिकारियों के साथ सीएम डेशबोर्ड के जरिए वर्चुअली बैठक की।
राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि आज ग्लोबल वार्मिंग सबसे बड़ी वैश्विक समस्या बन चुकी है। ऐसे में बढ़ती बीमारियों के बीच शुद्ध भोजन, स्वच्छ हवा और साफ पानी हमारी प्राथमिक आवश्यकता बन गए हैं। लोगों के स्वास्थ्य और प्रकृति की रक्षा का एकमात्र उपाय प्राकृतिक कृषि है। राज्यपाल ने बुधवार को सभी महानगरपालिका आयुक्त, जिला कलक्टर और जिला विकास अधिकारियों को सीएम डेशबोर्ड के जरिए वर्चुअली सम्बोधित करते हुए यह बात कही।
राज्यपाल ने कहा कि गुजरात के चार कृषि विश्वविद्यालयों-जूनागढ़, आणंद, नवसारी और दांतीवाड़ा के शोध के अनुसार यदि प्राकृतिक कृषि को पांच आयामों के साथ किया जाए, तो पहले वर्ष में ही रासायनिक खेती जितना ही उत्पादन मिलता है, जबकि लागत कहीं कम होती है।
उन्होंने बिजली बचत पर बल देते हुए कहा कि स्ट्रीट लाइट को सूर्योदय से थोड़ा पहले बंद और सूर्यास्त के थोड़ा बाद चालू करने की आदत से करोड़ों की बिजली बचाई जा सकती है। साथ ही दफ्तरों में सिर्फ ज़रूरत होने पर ही उपकरणों का उपयोग करें।
किसानों को ज्यादा से ज्यादा प्राकृतिक कृषि फार्म दिखाएं: सीएम
इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि कलक्टर और विकास अधिकारी अधिक से अधिक किसानों को प्राकृतिक कृषि फार्म की यात्रा पर लेकर जाएं ताकि प्राकृतिक खेती को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर किया जा सके। ग्रामसभा, रात्रि सभा आदि के दौरान भी अधिकारियों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की समीक्षा करनी चाहिए और लोगों को प्रेरित करना चाहिए।
इस मौके पर राज्य के कृषि मंत्री राघवजी पटेल, मुख्य सचिव पंकज जोशी, अतिरिक्त मुख्य सचिव अंजु शर्मा, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव एम.के. दास, राज्यपाल के प्रधान सचिव अशोक शर्मा, कृषि, आत्मा, और पशुपालन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा सभी महानगरपालिका आयुक्त, जिला कलक्टर और जिला विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
Published on:
23 Apr 2025 09:56 pm

बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
