
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह । ( फोटो: ANI)
NEET Exam: देश भर में नीट परीक्षा को लेकर जारी भारी बवाल के बीच राजनीति भी तेज हो गई है। हमेशा भाजपा की नीतियों के खिलाफ मुखर रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने इस मुद्दे पर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। उनका कहना है कि नीट-यूजी और सीबीएसई परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के मामले में पूरी समिति दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर एकजुट है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि अब चूंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पूरे मामले की कमान अपने हाथों में ले ली है, तो छात्रों को जरूर न्याय मिलेगा और परीक्षा का आयोजन सुचारू व पारदर्शी रूप से होगा।
संसदीय पैनल की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा कि धर्मेंद्र प्रधान पूरी तरह से अक्षम साबित हुए हैं और उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे खुद इस्तीफा नहीं देते हैं, तो उन्हें सरकार से बर्खास्त कर दिया जाना चाहिए। सिंह का मानना है कि शिक्षा मंत्री की इसी भारी नाकामी और लचर कार्यप्रणाली के चलते पीएम मोदी को इस गंभीर विषय में सीधा दखल देने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
सोमवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी और सीबीएसई के कामकाज पर गंभीर चर्चा हुई। बैठक में 'पेन-एंड-पेपर मोड' के मुकाबले कंप्यूटर आधारित टेस्ट की उपयोगिता पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान एनटीए के महानिदेशक और उच्च शिक्षा विभाग के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि समिति का मुख्य फोकस इस बात पर है कि सिस्टम की कमियों को कैसे दूर किया जाए।
हालांकि, दिग्विजय सिंह के बयान के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने स्थिति स्पष्ट करते हुए एक अलग रुख पेश किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि संसदीय समिति ने प्रधानमंत्री या उनके 'सिस्टम' को कोई क्लीन चिट नहीं दी है। जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि जिस व्यवस्था ने पेपर लीक होने दिया और फिर लंबे समय तक सच्चाई को नकारती रही, उस पर कोई भी समझदार इंसान भरोसा नहीं कर सकता।
गौरतलब है कि पेपर लीक के कारण रद्द हुई नीट-यूजी परीक्षा अब 21 जून को दोबारा आयोजित होने वाली है। इस पूरे मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है, जिसने अब तक कई अहम गिरफ्तारियां की हैं। सीबीआई और एनटीए के शीर्ष अधिकारियों ने भी समिति को जांच की ताजा स्थिति से अवगत कराया है। लाखों छात्रों और अभिभावकों की निगाहें अब सीबीआई की जांच और आगामी परीक्षा की पारदर्शिता पर टिकी हैं। (इनपुट: ANI)
Updated on:
1 Jun 2026, 9:10 PM IST
Published on:
1 Jun 2026, 9:09 PM IST
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