
- नए कानून और मानव दुर्व्यापार विषय पर हुआ प्रशिक्षण
सागर. मानव दुर्व्यापार के बारे में सभी को जागरूक होना चाहिए। इसी उद्देश्य से नए कानून और मानव दुर्व्यापार विषय पर मंगलवार को महिला सुरक्षा शाखा के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस कंट्रोल रूम में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इस अवसर पर एडिश्नल एसपी लोकेश सिन्हा ने कहा दुर्व्यापार जैसे गंभीर अपराध को रोकने के लिए नए कानूनों में बदलाव के बाद इन्हें समझना बहुत जरूरी हो गया है, विशेषकर पुलिस को। आवाज और महिला सुरक्षा शाखा का यह प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण है। प्रशिक्षण में जिले के समस्त थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, विशेष किशोर पुलिस इकाई, महिला सुरक्षा शाखा के अधिकारी सहित कुल 55 अधिकारी-पदाधिकारी शामिल हुए। प्रतिभागियों ने नए कानूनों के प्रावधानों को शामिल करते हुए रोचक तरीके से नाटक भी किया।
- बुंदेलखंड में बाल व बेमेल विवाह ज्यादा
प्रशिक्षण में आवाज के राज्य समन्वयक विजय बघेल ने सागर को संवेदनशील जिला बताया है। उनका कहना है कि हम बाल संरक्षण और मानव दुर्व्यापार विषय पर प्रदेश के 6 जिलों में काम कर रहे हैं, जिसमें देखा है कि बुंदेलखंड क्षेत्र में बालिकाओं का लिंगानुपात बहुत कम है। यहां बाल विवाह या बेमेल विवाह के लिए बाहर से बच्चियों को लाया जाता है। यहां से कई राज्यों के बच्चे रेस्क्यू किए गए हैं, इसलिए यहां अतिरिक्त सावधानी रखने की जरुरत है।
- ट्रैफिकिंग के लिए बीना एक ट्रांजिट
प्रशिक्षक शिखा छिब्बर ने बताया कि नए कानून में महिलाओं और बच्चों को लेकर काफी बदलाव हुए हैं, जिन्हें समझने और सही से लागू करने की जरूरत है। उन्होंने मानव दुर्व्यापार को लेकर उच्चतम न्यायालय के आदेशों और नए प्रावधानों का भी जिक्र किया। जिला समन्वयक मालती पटेल ने भी सागर को संवेदनशील जिला बताया। उनका कहना था कि यह एक डेस्टिनेशन जिला है, जहां बच्चों-बच्चियों को बाहर से लाकर छोड़ा जाता है जो एक संवेदनशील फैक्टर के रूप में काम करता है। बीना जंक्शन ट्रैफिकिंग के लिए एक ट्रांजिट के रूप में भी काम करता है, जहां से रोजाना कई बच्चे अलग-अलग राज्यों में जाते हैं।
Published on:
28 Aug 2024 08:30 pm
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