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दूषित पेयजल पर रोक लगाने की मांग को लेकर अब हस्ताक्षर अभियान का सहारा

-शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए नागरिक फिर हुए लामबद्ध -दूषित पेयजल आपूर्ति होने से पांव पसार रही हैं बीमारियां

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दूषित पेयजल पर रोक लगाने की मांग को लेकर अब हस्ताक्षर अभियान का सहारा

सादुलशहर. शहर में दूषित पेयजल आपूर्ति रोकने के लिए चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में हस्ताक्षर करते जागरूक नागरिक।

सादुलशहर @ पत्रिका. जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से की जा रही दूषित पेयजल आपूर्ति को रोकने की मांग को लेकर शहर के जागरूक नागरिकों ने शहर के अम्बेडकर सर्किल पर प्रदीप झोरड़ के नेतृत्व में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया। नागरिकों ने हस्ताक्षर अभियान में बढ़ चढकऱ भाग लिया व दूषित पेयजल आपूर्ति को रोकने की मांग की। पूर्व पार्षद पृथ्वी सिंह मिस्त्री, सेवानिवृत उप कोषाधिकारी भंवर सिंह सिन्हा, मुस्कान सोसायटी अध्यक्ष नवीन बिश्नोई, अधिवक्ता लक्ष्मीनारायण सहगल, गोपाल सिंह राठौड़, वेदप्रकाश गांधी व समरवीर बिश्रोई, सेवानिवृत अध्यापक साहिबराम कटारिया, सामाजिक कार्यकर्ता ताराचंद सोनी, अमनदीप सिंह गद्दरखेड़ा, देवकरण बिश्रोई, अनिल बिश्रोई सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने हस्ताक्षर अभियान में अपनी सहभागिता दी।

एसडीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर चस्पा किया ज्ञापन

दूषित पेयजल आपूर्ति पर रोक लगाने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में नागरिक अम्बेडकर सर्किल पर एकत्रित हुए। उल्लेखनीय है कि अम्बेडकर सर्किल मार्ग से जिला कलक्टर के गुजरने की सूचना थी, लेकिन जिला कलक्टर अन्य मार्ग से गंतव्य की ओर चले गए। इस कारण रोषित नागरिकों ने ज्ञापन की प्रति जिला कलक्टर के नाम एसडीएम कार्यालय के मुख्य द्वार पर चस्पा कर दी।

ज्ञापन में यह दिया है विवरण

ज्ञापन में नागरिकों ने विवरण दिया है कि सादुलशहर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग कार्यालय में लम्बे समय से फिल्टर खराब पड़े हैं व उनकी कोई सुध नहीं ली जा रही है। शहरी क्षेत्र में जो पेयजल आपूर्ति की जा रही है, वह दूषित पानी की ही की जा रही है। दूषित पेयजल आपूर्ति के कारण शहर में पेट के विभिन्न रोग, पीलिया, अल्सर, कैंसर जैसी घातक बीमारियां पांव पसार रही हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि उपखण्ड प्रशासन व सम्बंधित विभाग को इस बारे में अनेकों बार लिखित में अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। इसके साथ ही शहर में दर्जनों स्थानों पर मुख्य पेयजल पाइप लाईन में लीकेज है। विभाग कार्यालय में एक डिग्गी में एक सप्ताह के अन्तराल में दो बार हजारों मछलियां मरी थी, लेकिन डिग्गी की सफाई किए बिना ही पानी भण्डारण कर लिया गया। पेयजल आपूर्ति में क्लोरिन की मात्रा भी अनुपात के अनुसार नहीं डाली जा रही है, जिस कारण कई बार पेयजल पीने योग्य भी नहीं रहता। ज्ञापन में मांग की गई है कि शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाए।