इंदौर. ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड की गुत्थी अब लगभग सुलझ चुकी है। इंदौर से गाजीपुर तक सोनम की यात्रा लंबे समय से जांच का विषय बनी हुई थी। गुरुवार को इससे भी पर्दा उठ गया, जब सोनम को इंदौर के देवास नाका से गाजीपुर ले जाने वाला टैक्सी ड्राइवर पीयूष पुलिस के पास पहुंचा। उसने बताया कि सोनम ने अकेले ही पूरा सफर किया। इस दौरान वह बुर्का पहने रही और रास्ते में कहीं नहीं रुके।
सभी आरोपियों का मांगा रिमांड
इधर, गुरुवार को शिलांग पुलिस ने सभी पांच आरोपियों सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह, विशाल सिंह चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी को शिलांग कोर्ट में पेश किया। पेशी से पहले सभी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस ने कोर्ट से आरोपियों का रिमांड मांगा है ताकि गहराई से पूछताछ की जा सके।
अलका नामक युवती पर जताया संदेह
तीन दिन से शिलांग पुलिस टीम इंदौर में है और लगातार कडिय़ां जोड़ रही है। गुरुवार को डीएसपी सिमसैंग संगमा के नेतृत्व में टीम ने इंदौर क्राइम ब्रांच दफ्तर में सोनम के भाई गोविंद और उसके स्टाफ से पूछताछ की। गोविंद दो युवतियों और कुछ कर्मचारियों को साथ लेकर पहुंचा था। पुलिस ने गोविंद को कुछ देर बाद छोड़ दिया, लेकिन अन्य लोगों से घंटों पूछताछ की। राजा के भाई विपिन ने सोनम की करीबी अलका नामक युवती का उल्लेख किया। संदेह है कि पुलिस ने गोविंद के माध्यम से अलका से भी पूछताछ की है।
पूछताछ में सोनम ने साजिश कबूली
बताते हैं, पुलिस रिमांड के दौरान सोनम ने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात कबूल की है। पूछताछ के दौरान वह कई बार भावुक होकर रो पड़ी और अपना मोबाइल न मिलने की शिकायत भी की। पुलिस ने सभी आरोपियों का आमना-सामना कराया और तकनीकी साक्ष्यों की पुष्टि की। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि सोनम और आरोपी पुलिस को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इस वजह से पुलिस शिलांग से इंदौर तक पहुंची है। वहीं, संभावना है कि शिलांग पुलिस अब सोनम और राज सहित आरोपियों को इंदौर लेकर आ सकती है।