
कोलकाता. आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक प्रशिक्षु महिला चिकित्सक से बलात्कार और हत्या की घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के शुक्रवार को 15वें दिन भी जारी रहने से राज्य के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहीं। कार्य पर लौटने की सुप्रीम कोर्ट की अपील के बावजूद चिकित्सकों ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। इस बीच अस्पताल की एक छात्रा ने न्यूज एजेंसी को बताया कि घटना से पहले कैंपस में करीब 160 जूनियर महिला डॉक्टर रहती थीं, लेकिन अब हॉस्टल में सिर्फ 17 महिलाएं ही बची हैं। 9 अगस्त की घटना और 14 अगस्त रात को अस्पताल में उपद्रवियों के हमले के बाद लड़कियां कैंपस छोडकऱ चली गई। अभी भी कैंपस में मौजूद नर्सों ने कहा कि वे डरी हुई हैं, लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, कैंपस में दो नर्सिंग हॉस्टल हैं - दोनों ही लगभग भर चुके हैं। उधर, शुक्रवार को सियालदह की स्पेशल कोर्ट में मुख्य आरोपी संजय रॉय को पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। शुक्रवार को रॉय ने कोलकाता पुलिस के सामने माना कि अपराध से एक दिन पहले 8 अगस्त को वह चेस्ट मेडिसिन वार्ड में पीडि़ता का पीछा कर रहा था। सीसीटीवी फुटेज में रॉय को उनकी ओर घूरते हुए देखा जा सकता है। इस केस में सीबीआई आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष से भी लगातार पूछताछ कर रही है।
वित्तीय गड़बड़ी की जांच भी सीबीआइ को
कलकत्ता हाईकोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में वित्तीय अनियमितताओं की जांच राज्य सरकार द्वारा एसआइटी से शुक्रवार को सीबीआइ को स्थानांतरित करने का आदेश दिया। यह निर्णय अस्पताल के पूर्व उपाधीक्षक अख्तर अली की याचिका के बाद आया। न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज ने सीबीआइ को तीन सप्ताह के भीतर जांच संबंधी प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होनी है।
Updated on:
24 Aug 2024 01:31 am
Published on:
24 Aug 2024 01:31 am
