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पिपलानी थाने से खजूरी बाइपास रोड…तीन साल में 21 करोड़ बढ़ गई लागत

भोपाल. पिपलानी थाने से खजूरी बाइपास तक रोड चौड़ीकरण के काम की लागत सालाना सात करोड़ रुपए की दर से बढ़ी है। पीडब्ल्यूडी की इस रोड को जब 2021 में बनाने का प्लान शुरू हुआ तब चार करोड़ की लागत से प्रस्ताव तय हुआ था। अब रोड की लागत 25 करोड़ रुपए है। जबकि इसमें […]

भोपालJun 28, 2024 / 10:58 am

देवेंद्र शर्मा

भोपाल. पिपलानी थाने से खजूरी बाइपास तक रोड चौड़ीकरण के काम की लागत सालाना सात करोड़ रुपए की दर से बढ़ी है। पीडब्ल्यूडी की इस रोड को जब 2021 में बनाने का प्लान शुरू हुआ तब चार करोड़ की लागत से प्रस्ताव तय हुआ था। अब रोड की लागत 25 करोड़ रुपए है। जबकि इसमें प्रशासन ने दो लेन के लिए जरूरी जमीन बिना किसी बड़ी तोडफोड़ के लोगों की स्वेच्छा से खाली करवा दी।
22 मीटर चौड़ी रोड लगाएगी बाइपास

  • अभी रोड दो लेन यानि करीब दस से 11 मीटर के करीब है। इसे 22 मीटर बनाया जा रहा है। 11-11 मीटर के दो भाग से ट्रैफिक की आवाजाही आसान होगी। ये रोड इस साल आखिर तक बन जाएगी। यहां एमपी नगर नजूल एसडीएम की टीम ने तेजी से काम किया। रोड के लिए जगह खाली कराई। जहां जगह खाली होती गई, रोड का निर्माण कराया, ताकि दिक्कत न आए। रोड का निर्माण देख लोगों ने खुद ही अपने अतिक्रमण पीछे कर लिए।
चार किमी में अब 15 फीसदी काम बाकी

– पिपलानी थाना से खजूरी बाइपास तक करीब चार किमी लंबी रोड को चार लेन किया जा रहा है। इसका काफी काम हो चुका है। 15 फीसदी काम बचा हुआ है। इसके लिए जमीन खाली कराना है। एमपी नगर एसडीएम एलके खरे का कहना है कि लोगों से यहां भी स्वेच्छा से अपने निर्माण हटवाए जाएंगे। रोड से जाम की दिक्कत खत्म हो जाएगी।

संभागीय की जगह जिला स्तर पर करें बैठक
भोपाल. जनप्रतिनिधियों से चर्चा कर विकास योजनाओं की स्थिति और जरूरत समझने शासन ने संभाग स्तर पर बैठक करना शुरू किया है। भोपाल में हाल में बैठक की गई। इसपर अब शासन को मांग की जा रही है कि जिला स्तर पर बैठक हो। इससे जिले के जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पूरा समय मिलेगा। अभी संभाग के तीन से चार जिले के जनप्रतिनिधि रहते हैं, इसमें बात रखने का समय काफी कम मिलता है। महापौर मालती राय का कहना है कि जिले स्तर पर चर्चा ज्यादा हो पाएगी। उत्तर विधायक आतिफ अकील का कहना है कि सबको बुलाना चाहिए और बोलने का मौका पूरा देना चाहिए। विधायक रामेश्वर शर्मा का कहना है कि जिले के पांच जनप्रतिनिधि बेहतर तरीके से पूरी बात रख सकते हैं।

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