14 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इंजीनियर बनेंगे या डॉक्टर, जन्म कुंडली बताती हैं भविष्य के हर राज

इंजीनियर बनेंगे या डॉक्टर, कुंडली के ये योग बताते हैं
2 min read
Google source verification

image

Shyam Kishor

Jul 22, 2018

kundli in hindi

इंजीनियर बनेंगे या डॉक्टर, जन्म कुंडली बताती हैं भविष्य के हर राज

हर माता पिता का ये सपना होता हैं कि उनके बच्चे बचपन से ही अपने भविष्य के करियर को लेकर सपने देखे की भविष्य में उन्हें इंजीनियर, डॉक्टर, उद्योगपति, उच्चाधिकारी या फिर अन्य किसी फिल्ड में जाने के बारे में सोचे और उसके लिए भरपूर महेनत भी करें । लेकिन कभी कभी रूपया पैसा, महेनत सब कुछ होने के बाद भी व्यक्ति मन चाही फिल्ड में नहीं जा पाता । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जातक की कुंडली में कुछ ऐसे शुभ ग्रह होते हैं जो पहले ही बता देते हैं कि आप भविष्य में क्या बनने वाले हो ।

कुंडली में डॉक्टर बनने के योग


अगर किसी जातक की जन्मकुंडली में दशम स्थान या लग्न में वृश्चिक राशि हो और चंद्र की युति हो, या शनि की सूर्य और राहु पर दृष्टि व युति हो अथवा सूर्य और मंगल पंचम भाव में हो तथा शनि अथवा राहु षष्ठस्थ हों, तो जातक शल्य चिकित्सक बनता है, और वृश्चिक राशि में बुध तथा तृतीय चंद्र की दृष्टि जातक को मनोचिकित्सक बनाती है ।

कुंडली में उद्योगपति बनने के योग

यदि कुंडली में द्वितीयेश तथा लाभेश की युति धन या एकादश स्थान में हो तथा सप्तमेश पर उनकी दृष्टि हो, और इसके साथ ही धनेश एवं भाग्येश की युति लाभ भाव में हो तथा इनका सप्तमेश से संबंध हो । राहु या केतु की स्थिति लाभ भाव में हो तथा धनेश एवं लाभेश धन लाभ में स्थित हो । यदि लाभेश उच्च राशि का हो तथा धनेश धन स्थान में हो तथा शुभ स्थान स्थिति केतु की दृष्टि अथवा युति उद्योग जगत में सफलता दिलाती है और जातक एक बड़ा उद्योगपति बनता हैं ।

कुंडली में इंजीनियर बनने का योग

अगर शनि तथा मंगल चंद्र के साथ स्थित हों अथवा उसके द्वारा देखे जा रहे हों, तो जातक के इंजीनियर बनने की संभावना प्रबल होती है । दशम भाव में चतुर्थेश बुध, शनि के साथ स्थित हो तथा मंगल से दृष्टि हो तो जातक तकनीकी विशेषज्ञ बनता है । यदि नवांश कुंडली में दशमेश के नवांशेश पर कुछ तथा शनि का प्रभाव हो तथा भाग्येश भाग्य स्थान को देख रहा हो, तो जातक तकनीकी क्षेत्र में जुड़ा व्यवसाय प्राप्त करता है ।

कुंडली के ये योग बनाते हैं उच्चाधिकारी

यदि किसी की कुंडली में सूर्य उच्च का होकर दशम भाव में स्थित हो, भाग्येश भाग्य भाव में स्थित हो, कर्मेश उच्च का होकर सूर्य के साथ लाभ स्थान में स्थित हो, तो जातक उच्चाधिकारी बनता हैं । धनेश, पराक्रमेश तथा पंचमेश दशम भाव में हो तथा सूर्य से दृष्ट हों, तो प्रशासनिक अधिकारी बनने की संभावना ज्यादा होती हैं ।