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एससी—एसटी की जमीन खरीद में जमकर हो रहा राजस्थान टेनेंसी एक्ट का दुरुपयोग, डवलपर और प्रॉपर्टी डीलरों पर आयकर विभाग कसेगा शिकंजा, अब तक 402.77 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्ति अटैच

28 कराेड़ की भूमि अटैच: पिछले एक साल में एसटी एससी की 28 कराेड़ रुपए की भूमि अटैच की गई है। ये वाे भूमि है, जिसे बेनामीदाराें ने एसटी-एससी के लाेगाें के नाम पर खरीदा था। इसमें जयपुर-दिल्ली राेड पर आमेर तहसील के अंतर्गत 52 बीघा भूमि शामिल है। धानक्या जयपुर में भी 7 कराेड़ रूपए की भूमि बेनामीदार के नाम से खरीदी गई। जबकि इस भूमि की खरीदार मुंबई बेस्ट एक लिस्टेड कंपनी थी।

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आयकर विभाग ने जारी किया हैल्पलाइन नंबर और ई—मेल आईडी

जगमोहन शर्मा. जयपुर
प्रदेश में बढ़ते बेनामी संपत्ति के मामलों को देखते हुए आयकर विभाग ने एक जागरुकता कार्यक्रम के तहत हैल्पलाइन नंबर (0141—2385453) और ई—मेल आइडी (jaipur.ddit.inv.bpu@incometax.gov.in) जारी किया है, जिसमें बेनामीदार अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है। दरअसल राज्य में टेंनेंसी एक्ट के दुरुपयोग चलते बड़ी संख्या में आयकर विभाग ने बेनामी संपत्तियों के मामले उजागर किए हैं, जहां करोड़ों रुपए की संपत्तियां एटैच की हैं। अबतक प्रदेश में 551 मामलों में 701 बेनामी संपत्तियां अटैच की हैं, जिनकी कीमत 402.77 करोड़ रुपए है। राजस्थान में आयकर महानिदेशक (जांच) रेणु अमिताभ ने ये जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश की एसीबी समेत अन्य एजेंसियाें के काॅर्डिनेशन से बेनामी संपत्तियों पर नजर रखी जा रही है।

28 कराेड़ की भूमि अटैच: पिछले एक साल में एसटी एससी की 28 कराेड़ रुपए की भूमि अटैच की गई है। ये वाे भूमि है, जिसे बेनामीदाराें ने एसटी-एससी के लाेगाें के नाम पर खरीदा था। इसमें जयपुर-दिल्ली राेड पर आमेर तहसील के अंतर्गत 52 बीघा भूमि शामिल है। धानक्या जयपुर में भी 7 कराेड़ रूपए की भूमि बेनामीदार के नाम से खरीदी गई। जबकि इस भूमि की खरीदार मुंबई बेस्ट एक लिस्टेड कंपनी थी।

क्या है राजस्थान टेनेंसी एक्ट
इस एक्ट के तहत अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन सिर्फ अनुसूचित जाति के ही लोग खरीद सकते हैं, लेकिन इस एक्ट का दुरुपयोग कर कई बड़े डवलपर और ​कारोबारी कौड़ियों भाव में जमीन लेकर मोटा मुनाफा कमा लेते हैं। आयकर विभाग के अनुसार इन मामलों में अगर पीड़ित बेनामीदार आगे आकर शिकायत दर्ज कराता है, तो धारा 55ए के तहत से सजा से इम्युनिटी (राहत) मिल सकती है।

प्रॉपर्टी इंडेक्स कार्ड पर काम
दरअसल आयकर विभाग एक 'प्रॉपर्टी इंडेक्स कार्ड' पर काम कर रहा है, जिसमें उच्च मूल्य वाले प्रॉपर्टी लेन-देन शामिल हैं। विभाग रियल एस्टेट कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा पिछले तीन सालों में हुए बड़े प्रॉपर्टी सौदों की सूची तैयार रहा है। विभाग का कहना है कि बेनामी संपत्तियों और इसके लेन-देन से निपटना हमारा प्रमुख एजेंडा है।

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