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रूस के वैज्ञानिकों ने किया 44 हजार साल तक ठंडे क्षेत्र में जमे रहे भेडि़ए के शव का परीक्षण

मॉस्को. रूस के सुदूर पूर्वोत्तर याकूतिया क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने करीब 44,000 सालों तक ठंडे मैदान में जमे रहे एक भेडि़ए के शव का परीक्षण किया। याकूतिया के अबीस्की जिले में इस भेडि़ए का शव मिला था। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अपनी तरह की पहली खोज है। याकूतिया विज्ञान अकादमी में विशाल जीवों […]

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मॉस्को. रूस के सुदूर पूर्वोत्तर याकूतिया क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने करीब 44,000 सालों तक ठंडे मैदान में जमे रहे एक भेडि़ए के शव का परीक्षण किया। याकूतिया के अबीस्की जिले में इस भेडि़ए का शव मिला था। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अपनी तरह की पहली खोज है। याकूतिया विज्ञान अकादमी में विशाल जीवों का अध्ययन करने वाले विभाग के प्रमुख अल्बर्ट प्रोटोपोपोव के मुताबिक यह दुनिया में प्लीस्टोसीन काल के अंत के शिकारी जानवर की पहली खोज है।

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक याकूतिया आर्कटिक महासागर से दूर टेक्सास के आकार का दलदलों और जंगलों का विशाल क्षेत्र है, जिसका करीब 95 फीसदी भाग पर्माफ्रॉस्ट (बर्फ से जमी जमीन) से ढका हुआ है। इस क्षेत्र में सर्दियों में तापमान शून्य से 64 डिग्री सेल्सियस तक लुढक़ जाता है। प्रोटोपोपोव का कहना है कि ऐसे इलाकों में आमतौर पर शाकाहारी जानवर मरकर दलदल में फंस जाते हैं, लेकिन पहली बार कोई बड़ा मांसाहारी जानवर पाया गया है।

गुफा के शेरों से छोटा, बहुत सक्रिय शिकारी

वैज्ञानिकों का कहना है कि सदियों पुराने जानवरों के शवों का पर्माफ्रॉस्ट में दबा पाया जाना नई बात नहीं है, लेकिन भेडि़ए का पाया जाना विशेष है। यह बहुत सक्रिय शिकारी था। आकार में यह गुफा के शेरों और भालुओं से थोड़ा छोटा था।

दुर्लभ जानकारी मिलेगी

यूरोपियन यूनिवर्सिटी ऑफ सेंट पीटर्सबर्ग में पैलियोजेनेटिक्स प्रयोगशाला के डेवलपमेंट निदेशक आर्टेम नेडोलुज्को का मानना है कि भेडि़ए के अवशेष से 44,000 साल पहले के याकूतिया के बारे में दुर्लभ जानकारी मिल सकती है। मुख्य लक्ष्य यह समझना है कि यह भेडिय़ा क्या खाता था। इसका उन प्राचीन भेडिय़ों से क्या संबंध है, जो यूरेशिया के उत्तर-पूर्वी भाग में रहते थे।