
मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट खराब होने के कारण मरीज व अटेंडरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिर पर श्वांस सहित अन्य रोगों के वार्ड होने से यहां तक सीढियों से पहुंचने में मरीजों की सांस फूल रही है और वे सीढिय़ों पर रुक-रुककर वार्ड तक पहुंच रहे हैं।
शिवपुरी. मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट खराब होने के कारण मरीज व अटेंडरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिर पर श्वांस सहित अन्य रोगों के वार्ड होने से यहां तक सीढियों से पहुंचने में मरीजों की सांस फूल रही है और वे सीढिय़ों पर रुक-रुककर वार्ड तक पहुंच रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में अब मरीजों की अच्छी तादाद इलाज कराने पहुंचने लगी है। बीमारियों के इस सीजन में हर दिन एक हजार से अधिक ओपीडी हो रही है, लेकिन लिफ्ट खराब होने की वजह से मरीजों को सीढिय़ां चढक़रजाना पड़ रहा है। महत्वपूर्ण बात यह है कि पांच मंजिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में चौथी मंजिल पर श्वांस विभाग है, जहां तक पहुंचने में मरीज की सांस फूल रही है। गुरुवार को जब पत्रिका टीम मेडिकल कॉलेज पहुंची तो वहां पर लिफ्ट का गेट बंद था, और उस पर लगी तख्ती पर लिखा था कि टेक्निकल कारण से लिफ्ट खराब है। चूंकि मेडिकल कॉलेज के गायनिक, चिल्ड्रन, श्वांस सहित कैंसर वार्ड भी ऊपरी मंजिल पर हैं। ऐसे में मरीज को लेकर आने वाले उनके परिजन पहले तो लिफ्ट की तरफ देखते और फिर सीढिय़ां चढऩा शुरू कर देते। कुछ मरीज तो ऐसे भी थे, जो एक मंजिल चढक़र फिर सीढिय़ों पर आराम करते और फिर अगली मंजिल की तरफ बढ़ रहे थे।
एक लिफ्ट रहती है स्टाफ के लिए रिजर्व
मेडिकल कॉलेज में दो लिफ्ट हैं, जिनमें से एक स्टाफ के लिए रिजर्व रहती है, जबकि दूसरी लिफ्ट आमजन व मरीजों के लिए है। आमजन के लिए लगी दूसरी लिफ्ट का उपयोग करने वाले कुछ जानकार तो कुछ अनाड़ी भी होते हैं। यही वजह है कि अक्सर मरीजों वाली लिफ्ट खराब हो जाती है तथा ऐसी स्थिति में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मशीन है, आ जाती है खराबी
लिफ्ट भी मशीन है, जिसमें तकनीकी खराबी आ जाती है। एक लिफ्ट को मेंटेनेंस की वजह से उसे बंद कर रखा है, दूसरी चालू है। जल्द ही यह लिफ्ट भी चालू हो जाएगी तथा मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
डॉ. डी परमहंस, डीन मेडीकल कॉलेज शिवपुरी
Updated on:
23 Aug 2024, 12:16 AM IST
Published on:
23 Aug 2024, 12:16 AM IST
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