
पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार द्वारा प्रस्तावित 250 मीटर का स्काई डेक Sky Deck अब नंदी इंफ्रास्ट्रक्टर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज (एनआइसीइ) रोड के किनारे हेमिगेपुर (शहर के दक्षिण-पश्चिम) में एक भूखंड पर बनाया जा सकता है। इसमें फूड कोर्ट, खेल के मैदान और अन्य सुविधाएं होंगी।
रक्षा मंत्रालय ने नहीं दी थी मंजूरी
स्काई डेक परियोजना को शुरू में सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (सीबीडी) में बनाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड हवाई अड्डे के निकट होने के कारण रक्षा मंत्रालय ने अनुमति देने से इनकार कर दिया। परियोजना शुरू नहीं हो सकी।
सैद्धांतिक मंजूरी
इन सब के बीच मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने एक बैठक आयोजित कर मंत्रियों, कांग्रेस विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्काई डेक परियोजना पर चर्चा की। सरकारी सूत्रों ने बताया कि परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है। बैठक में स्काई डेक को सीबीडी के बाहर बनाने का निर्णय लिया गया।
इसलिए बीयू, कोम्मघट्टा हुआ बाहर
इससे पहले स्काई डेक के निर्माण के लिए बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने व्यवहार्यता अध्ययन के आधार पर बेंगलूरु विश्वविद्यालय (बीयू) परिसर, कोम्मघट्टा और हेमिगेपुर को संभावित निर्माण क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया था। हालांकि, बीबीएमपी ने विश्वविद्यालय के वातावरण सहित इसकी शांति बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय को संभावित स्थल की सूची से बाहर कर दिया। पहुंच संबंधी समस्याओं के कारण कोम्मघट्टा को भी रद्द कर दिया गया।
दिखता है तुरहल्ली जंगल
अंत में, हेमिगेपुर में 25 एकड़ भूमि पर स्काई डेक के निर्माण पर सहमति बनी। वर्तमान में यह एनआइसीइ के अधीन है। बनशंकरी छठे चरण में स्थित इस स्थान से तुरहल्ली जंगल को देखा जा सकता है। यह थलाघाटपुर मेट्रो स्टेशन से लगभग पांच किलोमीटर दूर है। हालांकि, परियोजना को दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में स्थानांतरित करने के निर्णय से यह चिंता उत्पन्न हो गई है कि बेंगलूरु के दूसरे हवाई अड्डे का निर्माण दक्षिणी या दक्षिण-पश्चिमी भाग में नहीं हो सकेगा। स्काई डेक की ऊंचाई दूसरे हवाई अड्डे के आड़े आएगी।बुनियादी ढांचा विकास मंत्री एम. बी. पाटिल ने विधानसभा में कहा था कि सरकार ने शहर से 50-60 किलोमीटर की दूरी के भीतर दक्षिणी, पश्चिमी और उत्तरी भागों में दूसरे हवाई अड्डे के लिए सात से आठ संभावित स्थलों की पहचान की है।
Published on:
20 Jul 2024 07:25 pm
बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
