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टेक्सटाइल सेक्टर में आधुनिक बदलाव ला रहे स्टार्टअप

फॅब्रिकलोर ने आठ वर्षों तक टेक्सटाइल प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को निखारा है

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जयपुर. फैब्रिकलोर तीन राजस्थानी उद्यमियों द्वारा स्थापित एक स्वदेशी स्टार्टअप न केवल राज्य की बल्कि भारत के समृद्ध टेक्सटाइल परंपरा को आधुनिक तरीक से बदल रहा है, जिससे भारत और कई देशो के फैशन ब्रांड्स लाभान्वित होंगे।
हाल ही में बेंगलुरु स्थित, पीयर कैपिटल और यूनाइटेड अरब अमीरात के ७२ वर्ष पुराने रीगल ग्रुप के नेतृत्व में 13.2 करोड़ रुपए का निवेश हासिल करने वाला फैब्रिकलोर, राजस्थान की अटूट उद्यमिता का प्रतीक है।
हालांकि वेंचर कैपिटल इन्वेस्टमेंट तक पहुंच हमेशा बेंगलुरु और दिल्ली एनसीआर जैसे टियर ए शहरों के स्टार्टअप्स का विशेषाधिकार रहा है, फैब्रिकलोर के सभी राजस्थानी संस्थापकों के उद्यमशील जोश ने अपने अनूठे व्यावसायिक मॉडल से इसे संभव बना दिया है। 2016 में स्थापित, फॅब्रिकलोर ने आठ वर्षों तक टेक्सटाइल प्रोसेसिंग के क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता को निखारा है, एक यात्रा जो अपनी तरह के पहले बी2बी स्टार्टअप में परिणत हुई है और आज दुनिया 400 से ज़्यादा फैशन ब्रांड्स के लिए 300 से भी ज़्यादा वैरायटी और विभिन्न प्रिंटिंग और डाइंग तकनीक से डिमांड के अनुरूप कस्टमाइज्ड फैब्रिक सप्लाई करती है। पिछले एक दशक में मिंत्रा और अजिओ जैसे फैशन मार्केटप्लेस ने भारत में फैशन उद्योग के परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है, जिससे न केवल टियर ए बल्कि टियर बी और सी से भी हजारों डायरेक्ट-टू-कंस्यूमर ब्रांड उभर रहे हैं। फैब्रिकलोर के सीईओ विजय शर्मा और अनुपम आर्य, वाईस प्रेजिडेंट कहते हैं कि हम केवल राजस्थान की कपड़ा विरासत को प्रदर्शित नहीं कर रहे हैं, हम इसके उत्पादन और वैश्विक उपभोग के तरीके में एक आधारभूत बदलाव ला रहे हैं।