
चेचट. क्षेत्र की दरा घाटी में लगातार लगने वाला जाम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। शनिवार को एक बार फिर हालात बिगड़ गए, जब घाटी में दो ट्रकों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद मार्ग के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि भटवाड़ा–अमझार मार्ग पर एक्सप्रेसवे से उतरने वाले वाहनों की लंबी कतार लग गई। देखते ही देखते जाम करीब 10 किलोमीटर तक फैल गया, जिसमें हजारों छोटे-बड़े वाहन सुबह से फंसे रहे। भीषण गर्मी के बीच वाहन में सवार यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अमझार से भटवाड़ा तक का इलाका जंगल क्षेत्र होने के कारण रास्ते में किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
यात्रियों को नहीं मिली सुविधाएं
एक्सप्रेसवे पर भी यात्रियों के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से स्थिति और अधिक कठिन हो गई। जाम की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शाम तक भी वाहन रेंग-रेंग कर ही आगे बढ़ पा रहे थे। हालात को देखते हुए मुंबई की ओर से आने वाले वाहनों को रावतभाटा-कोटा मार्ग से डायवर्ट करना पड़ा। लगातार लग रहे जाम को लेकर स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की परेशानी से राहत मिल सके।
दरा घाटी में दुर्घटना के बाद लगे ज़ाम में एम्बुलेंस भी फस गई थी। इसी दौरान ज़ाम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का काफिला भी आ गया। एम्बुलेंस को मंत्री दिलावर ने अपनी एस्कॉर्ट कर रहे वाहन से एम्बुलेंस को ज़ाम से निकलवाया।
Published on:
11 Apr 2026 06:36 pm
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