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परिजन कहते रहे जामुन खानेे से बालिका की बिगड़ी है तबियत, पैर में मिले सर्पदंश के निशान

जिला चिकित्सालय में छह दिन उपचार चलने के बाद बालिका हुई स्वस्थ्य

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जिला चिकित्सालय में छह दिन उपचार चलने के बाद बालिका हुई स्वस्थ्य
शहडोल
. जिले के जैतपुर क्षेत्र में 10 वर्षीय बालिका की जामुन खाते समय अचानक तबियत बिगड गई। बालिका के पेट व शरीर में तेज दर्ज होने के कारण परिजन आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पीआईसीयू वार्ड में उसका उपचार शुरू हुआ। जिला चिकित्सालय के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील हथगेल ने बताया कि छह दिन पहले नीलम कोल पिता बाली कोल 10 वर्ष को परिजन अचेत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे थे और जामुन खाने से तबियत बिगडऩे की बात कह रहे थे। उपचार के दौरान बालिका के तबियत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। बालिका को जहरीले कीड़े के काटने के लक्षण दिख रहे थे। टॉर्च के सहारे बारीकी से चेक किया गया तो बांए पैर में सर्पदंश के निशान मिले। इसके बाद चिकित्सक ने बालिका को एंटीवेनम देना शुरू किया। जिसके बाद उसकी तबियत में सुधार होना शुरू हुआ। जिला अस्पताल में छह दिनों तक चले उपचार के बाद अब बालिका पूर्ण रूप से स्वस्थ्य बताई जा रही है।
सर्पदंश का शिकार हो रहे बच्चे
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील हथगेल ने बताया कि इन दिनों आम व जामुन का सीजन चल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में बच्चे आम व जामुन खाने की लालच में पेड़ के नीचे पहुंचते हैं। जहंा व सर्पदंश का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि बीते दिनों हुई बारिश के बाद उमस बढ़ गई है। जिसके कारण विषैले जीव जंतु अपने बिलों से बाहर निकल रहे हैं। यही कारण है कि सर्पदंश के मामले बढ़ रहे हैं। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार हर दिन 2-3 केस सर्पदंश के आ रहे हैं। झाडफूंक व जंगली जड़ी बूटी से ठीक होने के चक्कर में कुछ लोग अपनी जान भी गंवा
देते हैं।