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सदन में फिर गूंजा कम दूरी पर दो टोल का मुद्दा

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान गुरुवार को निर्धारित से कम दूरी पर दो टोल प्लाजा का मुद्दा फिर गूंजा। विधायक रामबिलास ने कहा कि लालसोट से सवाईमाधोपुर जाने वाले स्टेट हाईवे पर 28 किलोमीटर की दूरी में ही दो टोल हैं। एक टोल अवैध है। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार दो टोल प्लाजा में 40 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए।

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जयपुर

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GAURAV JAIN

Aug 03, 2024

नहीं मिला किसी तरह का टोल हटवाने का आश्वासन

जयपुर. विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान गुरुवार को निर्धारित से कम दूरी पर दो टोल प्लाजा का मुद्दा फिर गूंजा। विधायक रामबिलास ने कहा कि लालसोट से सवाईमाधोपुर जाने वाले स्टेट हाईवे पर 28 किलोमीटर की दूरी में ही दो टोल हैं। एक टोल अवैध है। राज्य सरकार के नियमों के अनुसार दो टोल प्लाजा में 40 किलोमीटर की दूरी होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी कहा कि अलवर-भरतपुर के बीच की दूरी 100 किलोमीटर ही है और चार टोल प्लाजा हैं।

इस पर सार्वजनिक निर्माण राज्य मंत्री मंजू बाघमार कहा कि लालसोट-सवाईमाधोपुर स्टेट हाईवे पर सड़क विकास अधिनियम 2002 के तहत टोल प्लाजा से टोल संग्रहण किया जा रहा है। राजस्थान राज्य राजमार्ग शुल्क (दरों का निर्धारण एवं संग्रहण) नियम 2015 के प्रावधानों के अनुसार दो टोल प्लाजा के बीच की दूरी 40 किलोमीटर होनी चाहिए। सड़क विकास अधिनियम 2002 में टोल प्लाजा की दूरी के लिए कोई प्रावधान नहीं था।

उन्होंने बताया कि लालसोट-सवाईमाधोपुर स्टेट हाईवे पर बगडी स्थित टोल प्लाजा पर टोल संग्रहण की समायावधि 23 अगस्त 2038 तक निर्धारित है। राज्य में राजमार्गों पर कुल 194 टोल प्लाजा स्थित हैं, जिनमें से आरएसआरडीसी द्वारा 105, आरएसएचए द्वारा 44, रिडकोर द्वारा 28 एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा 17 टोल प्लाजा संचालित किए जा रहे हैं। 28 किलोमीटर में दो टोल प्लाजाओं का एक बार फिर से परीक्षण करवा लिया जाएगा।

स्टेट हाईवे पर हो रही मनमर्जी की वसूली, सरकार को करोड़ों का नुकसान

स्टेट हाइवे पर मनमर्जी की टोल वसूली का मामला गुरुवार को भाजपा के रामस्वरूप लांबा ने विधानसभा में उठाया। शून्यकाल में उन्होंने कहा कि आरएसआरडीसी के रोड पर टोल नाके लगे हैं। उन पर वजन मापने की मशीनें नहीं हैं। जो टोल की पर्ची दी जा रही है उस पर भी ओवरलोड की श्रेणी व दर अंकित नहीं है। किसी वाहन से सौ तो किसी से दो सौ रुपए तक वसूल किए जा रहे हैं। यह वसूली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय से ही चल रही है। इससे राज्य सरकार को अब तक करीब 300 करोड़ रुपए तक का नुकसान हो चुका है। लांबा ने मांग की कि अधिक वसूली वाले टोल संचालकों को ब्लैकलिस्ट किया जाए। अब तक जो अधिक वसूली की गई है, उसको पेनल्टी के साथ वसूला जाए।

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