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सड़कों को उधेड़ा और छोड़ा, बदहाल हुआ शहर

- श्रीगंगानगर में बरसाती सीजन के बावजूद सड़कों की तोड़ने का थमा नहीं सिलसिला

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श्रीगंगानगर। पूरा इलाका आरयूआइडीपी की ओर से वाटर लाइन और सीवर लाइन से तंग आ चुका है लेकिन जिम्मेदार अफसर और जनप्रतिनिधियों के बावजूद ठेका कंपनी हावी हैं। बरसात के सीजन के बावजूद सड़कों को उधड़ने और वापस उसकी मरम्मत नहीं करने से कई वार्डो के भवनों की नींवें अब हिलने लगी हैं। गुरुनानक बस्ती के कई मकानों में दरारें आ चुकी हैं। वहीं ब्लॉक एरिया के पुराने मकानों की नींवों में बरसाती पानी घुसने लगा हैं। आरयूआईडीपी ने वर्ष 2016 से यह काम दो साल की समय अवधि 2018 में पूरा करने की बजाय उसे अब तक 2024 तक चला रखा हैं। वाटर लाइन और सीवर लाइनें बिछी या नहीं लेकिन सड़कों की हालत जर्जर हो चुकी हैं। जहां सड़कों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया अपनाई गई वह बरसाती पानी में धंस चुकी हैं।

बाजार एरिया में हर जगह उबड़ खाबड़ गलियां

बाजार एरिया में वाटर लाइन बिछाने के नाम पर चार महीने पहले तोड़फोड़ के बाद ठेका कंपनी अब वहां मरम्मत के लिए नहीं आ रही हैं। विधायक के आवास के पास सदर बाजार, तहबाजरी, छोटी धानमंडी एरिया, जवाहर मार्केट एरिया, संतोषीमाता मंदिर रोड, महावीर शॉपिंग सैटर एरिया में क्षतिग्रस्त सड़कों के कारण ग्राहक आने से कतराने लगे हैं। जनहित के मुद़दों पर आवाज उठाने वाली संयुक्त व्यापार मंडल भी अब चुप्पी साधे हुए हैं। दुकानदारों का कहना है कि महावीर दल मंदिर के आसपास सारी स़ड़कें टूटी पड़ी हैँ। दुपहिया वाहन आए दिन गिरते हैं।

यहां से आना दुर्घटना को न्यौता देना


सुखाड़िया सर्किल गोपीराम बगीची की दीवार से लेकर गणगौरनगर तक, वहां से वेलकम विहार, गांधीनगर और विनोबा बस्ती तक पूरी रोड वाटर लाइन बिछाने के नाम पर तोड़ी गई लेकिन लाइन बिछाने के बाद इस सड़क का जीर्णोद्धार नहीं हो पाया है। करीब तीन महीने से इस क्षेत्र के लोगों ने कई बार व्यक्तिगत रूप से आरयूआईडीपी के अलावा ठेका कंपनी एलएंडटी, नगर परिषद और नगर विकास न्यास प्रशासन के अलावा जिला प्रशासन को अवगत कराया लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। गुप्ता बाल भारती स्कूल से लेकर नई धानमंडी के गेट तक सड़क पर दुकानें अधिक हैं, ऐसे में वहां रोजाना ग्राहकों के अलावा अन्य लोगों को आवाजाही में परेशानी आ रही है। सुखाड़िया सर्किल से पायल सिनेमा के गेट तक पहुंचने वाली इस पूरी रोड के बीचोंबीच वाटर लाइन बिछाने के बाद उसे मलबे से भर दिया गया है लेकिन सड़क ठीक नहीं कराई है।

रोजाना गिरते हैं दुपहिया चालक

सुखाडि़या सर्किल पर बरसात होने के महज चंद मिनटों में वाहनों की लंबी कतारें लगने का सिलसिला अब तक हैँ। रामलीला मैदान से सुखाडि़या पार्क के बीच पूरी रोड के बीच वाटर लाइन बिछाई गई, कलक्टर के हस्तक्षेप से इस तोड़ी गई सड़क की मरम्मत भी कराई गई लेकिन तीन दिन पहले आई बरसात ने पूरी झीरी को जमींदोज कर दिया। वहां से अब निकलना मुश्किल हो गया हैं। यही हाल बीरबल चौक का है, यहां भी पाइप लाइन दबाने के नाम पर सड़क का कुछ हिस्सा तोड़ा गया वह भी बरसाती पानी में बह गया हैं। रात के समय अंधेरा होने के कारण कई बार दुपहिया वाहन चालक गिर चुके हैं।

चुनाव सिर पर फिर भी पार्षदों की चुप्पी


नगर परिषद के चुनाव की प्रक्रिया अगले दो महीने के बाद शुरू होने के आसार हैं। लेकिन पार्षदों ने पुरानी आबादी और जवाहरनगर एरिया में बिखरी स़ड़कों की मरम्मत कराने के लिए आरयूआईडीपी के खिलाफ आवाज तक नहीं उठाई हैं। कई पार्षद तो अपने घरों के आसपास सड़कां की मरम्मत कराने के लिए आरयूआइडीपी के अधिकारियों से संवाद करते है, पूरे वार्ड की समस्याओं के बारे में मुद़दा तक नहीं उठाते। यही कारण है कि पुरानी आबादी सब्जी मंडी एरिया में पिछले छह माह से सड़कें उधड़ने के बाद रामभरोसे छो़ड़ दी गई हैं। इधर, अग्रसेननगर चौक एरिया के आसपास की सड़कें टूट चुकी हैं।