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छत को बनाया नर्सरी, सुबह-शाम परिंदों की आहट देती सुकून

आरसी व्यास कॉलोनी के घर की छत पर लगे हैं 250 से अधिक पौधे

भीलवाड़ाJun 20, 2024 / 11:14 am

Suresh Jain

आरसी व्यास कॉलोनी के घर की छत पर लगे हैं 250 से अधिक पौधे

आरसी व्यास कॉलोनी के घर की छत पर लगे हैं 250 से अधिक पौधे

भीलवाड़ा शहर की आरसी व्यास कॉलोनी के एक मकान की छत नर्सरी का रूप ले चुकी है। इसमें सैकड़ों गमलों में विविध पौधे लगे हैं। इनमें औषधीय के साथ सजावटी फूल और फलदार पौधे शामिल है। सुबह-शाम यहां पक्षियों के झुंड मिल जाते हैं।
कपड़ा व्यापारी विवेक बाकलीवाल ने घर की छत पर गमले लगाने शुरू किए। छत अब छोटी पड़ने लगी है। विवेक बताते हैं कि बचपन से पौधे लगाने का शौक था। जहां पौधा मिलता, घर ले आता। जगह कम होने पर गमले में लगा देता। धीरे-धीरे इतने पौधे हो गए कि घर में जगह नहीं बची। फिर धीरे-धीरे छत पर लगाने शुरू कर दिए। अब घर की छत भी छोटी लगने लगी। 250 से ज्यादा गमलों में अलग-अलग किस्मों के फूल महक रहे हैं। औषधीय पौधे भी हैं। ऐसी किस्में भी हैं जिनकी कीमत हजारों रुपए हैं। गमलों की देखभाल में पत्नी का अहम योगदान है। आसपास के लोग छत पर आकर रील्स बनाते हैं।
हरियाली देख रोज आते हैं पक्षी

बाकलीवाल ने बताया कि सुबह-शाम विभिन्न पक्षी छत पर दाना चुगने आते हैं। उनकी चहचहाहट सुकून देती है। प्रकृति से वनस्पति है। दवा है। ऑक्सीजन है। संकल्प लें कि चारों और हरियाली रहे। वे भीलवाड़ा के प्लांट लवर ग्रुप से जुडे हैं। हाल में फ्लावर शो में पौधों के रखरखाव की जानकारी अन्य लोगों को दी।
संदेश-आंगन नहीं तो छत पर लगाएं

बाकलीवाल का कहना है कि हर व्यक्ति को पौधे लगाने चाहिए। अगर आंगन नहीं है तो छत का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

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