
इकोवॉश क्लीनिंग राेबोटिक मशीन
दिनेश कुमार स्वामी
बीकानेर. घरों, दफ्तरों और शोरूम में झाडू, पोछा और गर्द साफ करने के लिए कामवाली बाई या सफाई कर्मचारी की जगह अब एआई, रोबोटिक और सेंसर तकनीक के उपकरण लेने लगे हैं। बीकानेर जैसे बी-सी श्रेणी के शहरों में भी इकोवॉश क्लीनिंग रोबोटिक मशीन जैसे उपकरण पहुंच गए हैं। यहां एक घर और दो ऑफिस में सफाई करने के लिए ऑटोमेटिक क्लीनिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है। घर में परिवार के लोगों ने तो इसका देशी नाम ‘छोटी भाभी’ रखा हुआ है।
अमरसिंहपुरा निवासी वर्किंग वुमेन बिंदिया शर्मा ने बताया कि सुबह से शाम तक नौकरी करने जाना होता है। पति के ऑफिस की सफाई और घर की सफाई के लिए इकोवॉश क्लीनर रोबोट मशीन तीन महीने पहले मंगवाई। चंडीगढ़ में उनके परिचित रवि वर्मा इस मशीन का एक साल से उपयोग कर रहे हैं। इस मशीन में सफाई का समय फीड कर दिया जाता है। तय समय पर अपने आप काम पर लग जाती है। कीमत करीब 36 हजार रुपए है। जो अपेक्षाकृत थोड़ा ज्यादा होने से अभी इसके आम चलन में आने में समय लगेगा।
क्लीनिंग मशीन झाडू, डस्ट सफाई और पोछा मारने के तीनों तरह के काम करती है। आगे का हिस्सा झाडू लगाने, बीच में डस्ट खींचने के यंत्र काम करते हैं। पीछे के हिस्से में पोछा लगा हुआ है। यह महज 200 एमएल पानी में पूरे घर में पोछा मार देती है। मार्बल और ग्रेनाइट के फर्श पर सबसे ज्यादा कारगर है। जहां हाथ या झाडू नहीं पहुंचता, वहां तक जाकर सफाई कर देती है।
होम अप्लांयस कारोबारी राजेश कुमार के अनुसार, एआई तकनीक आने के बाद घर में रसोई से लेकर बेडरूम तक के उपकरण तेजी से बदल रहे हैं। सफाई के लिए झाडू और पोछा कई तरह के आने लगे हैं। फिर वैक्यूम क्लीनर, मॉप और वाइपर चलन में आ गए। अब नया अवतार रोबोटिक पोछा व झाडू मशीन के रूप में सामने आ रहा है।
- स्मार्ट तकनीक से बनी है। टाइमर के अनुसार मशीन समय पर अपने आप सफाई के लिए चार्जिंग प्लेटफार्म से उतरकर झाडू-पोछा में लग जाती है। पूरी सफाई कर वापस अपनी जगह आकर चार्ज पर लग जाती है।
- पहली बार उपयोग करने पर पूरे घर या ऑफिस में घूमकर मैमोरी में नक्शा फीड करती है। हर कमरे को नम्बर देती है। आप कमरा विशेष की सफाई का ऑर्डर दे सकते हैं। पूरे घर सफाई का ऑर्डर दे सकते हैं।
- पोछा का कपड़ा बदलने की जरूरत होने पर मोबाइल पर मैसेज आता है। मशीन बोलकर भी बता देती है। कचरे की टंकी भर जाने पर भी खाली करने का मैसेज करती है।-कैमरे और रडार लगे हुए हैं। नीचे लगा कैमरा फर्श के दाग को देखता है, जब तक साफ नहीं होता काम पर लगी रहती है।
- रोजाना भी सफाई शुरू करने से पहले दो मिनट घूमकर पूरे कमरे या भवन का नक्शा बनाकर काम पर लगती है।- डेली शेड्यूल तय कर सकते हैं। घर का कोई हिस्सा ज्यादा गंदा है, तो उसके लिए दो-तीन बार सफाई का ऑर्डर कर सकते हैं।
- सफाई के दौरान व्यवधान आने पर वापस अपनी जगह पर चली जाती है। व्यवधान हटाने के लिए मालिक को मैसेज करती है।- बैटरी डिस्चार्ज होने पर पहले चार्ज करने जाती है। इसके बाद वहां से काम शुरू करती है, जहां पर छोड़ा था।
- चार्जिंग स्टेशन पर कचरे का थैला लगा रहता है। मशीन आकर इसमें कचरा डाल देती है। भर जाने पर मोबाइल पर मैसेज कर देती है।
Published on:
02 Apr 2024 07:16 pm
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