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 ट्रेफिक पुलिस का दोपहर 12 से 2 बजे तक रहता है लंच टाइम, लोग सड़क पर अपनी सुरक्षा स्वयं करें

जिला वि​धिक सेवा प्रा​धिकरण अलवर सचिव के औचक निरीक्षण में ट्रैफिक कंट्रोल रूम की घोर लापरवाही उजागर, अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग अलवर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के सचिव गुरुवार को जब जेल निरीक्षण के​ लिए गए तो इस दौरान यातायात व्यवस्था की चरमराई स्थिति का गंभीर मामला सामने आया। अशोक टॉकीज […]

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अलवर

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Jyoti Sharma

Jul 11, 2025

जिला वि​धिक सेवा प्रा​धिकरण अलवर सचिव के औचक निरीक्षण में ट्रैफिक कंट्रोल रूम की घोर लापरवाही उजागर,

अधिकारियों को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग

अलवर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अलवर के सचिव गुरुवार को जब जेल निरीक्षण के​ लिए गए तो इस दौरान यातायात व्यवस्था की चरमराई स्थिति का गंभीर मामला सामने आया। अशोक टॉकीज से ट्रैफिक पुलिस कंट्रोल रूम तक एक घंटे से अधिक समय तक भीषण जाम लगा रहा, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और राजकाज में बाधा उत्पन्न हुई।

यह गंभीर स्थिति तब सामने आई जब सचिव अपने आधिकारिक दौरे पर थे। उन्होंने स्वयं देखा कि मुख्य मार्ग पर भारी यातायात जाम है, जिसमें एम्बुलेंस, स्कूल बसें और ऑटो-रिक्शा जैसे आवश्यक वाहन भी फंसे हुए थे। इस दौरान पुलिस कंट्रोल रूम से बार-बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बिना बात को सुने-समझे ही कॉल काट दिए गए।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सचिव स्वयं ट्रैफिक कंट्रोल रूम पहुँचे। वहाँ जाकर उन्होंने पाया कि कंट्रोल रूम के कैमरों पर भी जाम का सीधा प्रसारण चल रहा था, बावजूद इसके कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस पर ध्यान नहीं दे रहा था।

ड्यूटी पर तैनात एएसआई ने कहा कि "दोपहर 12 बजे से 2 बजे के बीच में ट्रैफिक वालों का लंच टाइम रहता है और उसके बीच में चाहे किसी का कुछ भी हो, उनको मतलब नहीं है। कहा कि इस बारे में वह कुछ नहीं कर सकते फिर चाहे जनता परेशान हो उन्हें कोई सरोकार नहीं है, और संतोषजनक जवाब देने के बजाय भ्रमित करने का प्रयास किया।

प्रा​धिकरण सचिव ने इस संबंध में जिला कलक्टर अलवर और पुलिस अधीक्षक अलवर को विस्तृत पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी गई है और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के साथ-साथ दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।