
14 आरोपियों में से 5 गिरफ्तार, 4 करोड़ की संपत्ति सीज
टीकमगढ़.लस्टीनेस जनहित क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी (एलजेसीसी) द्वारा लोगों को जल्द अमीर बनाने के नाम पर की गई ठगी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के 5 अधिकारी और कर्मचारियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह कंपनी देश के 9 राज्यों में नाम बदल कर 7 कंपनियों के नाम से लगातार फर्जीवाड़ा करती आ रही है। पुलिस मामले में कंपनी के मास्टर माइंड दुबई निवासी समीर अग्रवाल सहित अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।
जिले के लोगों को लगभग 100 करोड़ का चूना लगाकर चंपत हुई एसजेसीसी कंपनी पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को एसपी रोहित काशवानी ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने लोगों से ठगी करने वाले कंपनी के टीकमगढ़ के ब्रांच मैनेजर सुबोध रावत, अजय तिवारी, राहुल यादव, जियालाल राय, विजय शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने कंपनी के मालिक समीर अग्रवाल सहित 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इस मामले में 4 एफआईआर दर्ज की है।
यह सामान किया जब्त
एसपी काशवानी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में पकड़े गए पांच आरोपियों की बैंक में जमा रकम के साथ ही वाहन, बैंक में उपयोग किए जाने वाले उपकरण एवं चल-अचल संपत्ति मिलाकर 4 करोड़ 15 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है। इसमें पुलिस ने कंपनी एवं उनके कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा 76 लाख, 3.39 करोड़ की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली है। इसके साथ ही कंपनी में उपयोग होने वाले लैपटॉप, प्रिंटर सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं।
कपड़ों की तरह बदली कंपनी
एलजेसीसी का मास्टर माइंड समीर अग्रवाल है। यह मूलत: मुंबई का निवासी है और वर्तमान में दुबई में निवास करता है। इसके साथ मिलकर रवि तिवारी, आलोक जैन, सुतिक्ष्ण सक्सेना, अजय तिवारी, सुबोध रावत ललितपुर, ने वर्ष 2013 में 7 सोसाइटियों को पंजीकृत कराया था। स्वामी विवेकानंद क्रेडिट सोसायटी, हयूमन क्रेडिट सोसाइटी, श्री सारने वर, लस्टीनेस जनहित, दा लोनलीअर्वन मल्टी स्टेट क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी, यगोदीप क्रेडिट सोसाइटी एवं विश्वास क्रेडिट सोसायटी के माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने ने बताया कि इन कंपनियों द्वारा आरडी, एफडी, एमआईएस, सुकन्या, धनपेटी जैसी स्कीम से पैसा निवेश कराया जाता है। यह समितियां मुख्य रूप से लोन देने के लिए अधिकृत हैं, लेकिन फर्जी तरीके से लोगों के रुपए जमा कराए गए हैं। समीर अग्रवाल द्वारा वर्ष 2009 में यूपी के ललितपुर में एडवांटेज नाम की चिटफंड कंपनी शुरू की और 2012 में करोड़ों रुपए लेकर फरार हो गई। 2012 में यहीं कंपनी ऑप्शन वन नाम से शुरू की गई और फर्जीवाड़ा किया।
महंगे होटल और चमचमाती गाड़ियों से किया भ्रमित
कंपनी लोगों से ठगी करने के लिए महंगे होटलों में अपने कार्यक्रम करती थी। इसमें बाहर से आने वाले इनके अधिकारी महंगी चमचमाती गाड़ियों से आते थे और लोगों को जल्द ही अमीर बनाने के सपने दिखाते थे। इनके द्वारा कर्मचारियों को रुपए जमा कराने पर अल्टो से लेकर मर्सिडीज तक के ग्रुप में शामिल करते थे। इसके बाद एजेंट्स को वाहन फाइनेंस करा दिए जाते थे और हर माह उतनी ही रकम जमा कराने पर वाहन की किश्त जमा कराई जाती थी। ऐसे में हमेशा कर्मचारियों पर दबाव बना रहता था।
एसपी काशवानी ने बताया कि इन लोगों के द्वारा मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, बिहार, गुजराज और महाराष्ट्र में करोबार किया जा रहा है। इन राज्यों में कंपनी द्वारा अब तक 1600 करोड़ रुपए की ठगी की जा चुकी है।
Published on:
10 Aug 2024 07:19 pm
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