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आज का पंचांग 27 सितंबर 2018

आज का पंचांग 27 सितंबर 2018
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भोपाल

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Tanvi Sharma

Sep 27, 2018

panchang

आज का पंचांग 27 सितंबर 2018

ज्योतिष पं. गुलशन अग्रवाल

राष्ट्रीय मिति आश्विन 05 शक संवत् 1940 भाद्रपद कृष्ण द्वितीया बृहस्पतिवार विक्रम संवत् 2075। सौर आश्विनी मास प्रविष्टे 11 मुहर्रम 16 हिजरी 1440 (मुस्लिम) तदनुसार अंगे्रजी तारीख 27 सितम्बर सन् 2018 ई॰। दक्षिणायण, दक्षिण गोल, शरद ऋतु।

राहुकाल अपराह्न 1 बजकर 30 मिनट से 3 बजे तक। द्वितीया तिथि प्रातः 9 बजकर 3 मिनट तक उपरांत तृतीया तिथि का आरंभ, अश्विनी नक्षत्र अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 23 मिनट तक उपरांत भरणी नक्षत्र का आरंभ। व्याघात योग अर्धरात्रोत्तर 1 बजकर 24 मिनट तक उपरांत हर्षण योग का आरंभ, गर करण प्रातः 9 बजकर 3 मिनट तक उपरांत विष्टि करण का आरंभ।

आज के मुहर्त- अनुकूल समय में अन्नप्राषन संस्कार करने के लिए शुभ मुहूर्त है।

चन्द्रमा दिन रात मेष राशि पर संचार करेगा। आज ही भद्रा रात्रि 8 बजकर 54 मिनट से, सूर्य हस्त नक्षत्र में मध्याह्न 12 बजकर 14 मिनट, तृतीया तिथि श्राद्ध, गण्डमूल अर्धरात्रोत्तर 2 बजकर 23 मिनट तक।

आज जन्म लिए बच्चों के नाम (चू, चे, चो, ला, ली) अक्षरों पर रख सकते है। आज जन्म लिए बच्चों की मूलशांति अवश्य कराएं। ऐसे जातक दूसरों की बातों को महत्व देंगे। अन्याय के विरूद्ध बुलंद आवाज उठाएंगे। प्रायः मानसम्मान का विशेष ध्यान रखेंगे।

पंचांग क्या है

पंचांग या पंचागम् हिन्दू कैलेंडर है जो भारतीय वैदिक ज्योतिष में दर्शाया गया है। पंचांग मुख्य रूप से 5 अव्यवों का गठन होता है, अर्थात् तिथि, वार, नक्षत्र, योग एवं करण। पंचांग मुख्य रूप से सूर्य और चन्द्रमा की गति को दर्शाता है। हिन्दू धर्म में हिन्दी पंचांग के परामर्श के बिना शुभ कार्य जैसे शादी, नागरिक सम्बन्ध, महत्वपूर्ण कार्यक्रम, उद्घाटन समारोह, परीक्षा, साक्षात्कार, नया व्यवसाय या अन्य किसी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते ।जैसा कि प्राचीन समय से बताया गया है कि हर क्रिया के विपरीत प्रतिक्रिया होती है। इसी तरह जब कोई व्यक्ति पर्यावरण के अनुरूप कार्य करता है तो पर्यावरण प्रत्येक व्यक्ति के साथ समान तरीके से कार्य करता है। एक शुभ कार्य प्रारम्भ करने से पहले महत्वपूर्ण तिथि का चयन करने में हिन्दू पंचांग मुख्य भूमिका निभाता है। पंचांग एक निश्चित स्थान और समय के लिये सूर्य, चन्द्रमा और अन्य ग्रहों की स्थिति को दर्शाता है। संक्षेप में पंचांग एक शुभ दिन, तारीख और समय पे शुभ कार्य आरंभ करने और किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव को नष्ट करने का विचार प्रदान करता है।

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