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Krishna Janmashtami: सरगुजा के 95 साल पुराने राधा-वल्लभ मंदिर में आज गूंजेगा नंद के घर आनंद भयो, रियासतकालीन विरासत का है हिस्सा

Surguja Krishna Janmashtami: रियासतकाल में 6 से 12 दिन तक चलता था जन्माष्टमी का उत्सव, राधा-वल्लभ मंदिर में रात 12 बजे होगा जन्मोत्सव
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Krishna Janmashtami Ambikapur

Krishna Janmashtami, राधा वल्लभ मंदिर व खाटू बाबा श्याम मंदिर में पालने में श्रीकृष्ण (Photo- Patrika)

अंबिकापुर। शहर सहित जिले में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) धूमधाम से मनाई जा रही है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित सबसे प्राचीन राधा-वल्लभ मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर को फूलमालाओं और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर विशेष पूजा-अर्चना होगी। इसके बाद भजन-कीर्तन और बधाई गीतों का सिलसिला शुरू होगा। बता दें कि राधा-वल्लभ मंदिर 95 साल पूर्व रियासतकालीन विरासत का हिस्सा है।

जन्माष्टमी पर राधा-वल्लभ मंदिर (Radha Vallabh Mandir Ambikapur) में बाल गोपाल की आकर्षक झांकी और पालकी सजाई गई है। श्रद्धालु भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप का दर्शन कर उन्हें पालने में झूला रहे हैं। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है, जबकि शाम के बाद भक्तों की भीड़ बढऩे की संभावना है। राधा-वल्लभ मंदिर अंबिकापुर की रियासतकालीन धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

उपलब्ध इतिहास के अनुसार सरगुजा रियासत (Surguja Princely State) के महाराजा रामानुजशरण सिंहदेव ने अपनी माता राजमाता माय साहब भगवती देवी के लिए इस मंदिर का निर्माण वर्ष 1931 में कराया था। बताया जाता है कि जीवन के अंतिम समय में राजमाता राजमहल छोडक़र इसी मंदिर में निवास करने लगी थीं।

छह से 12 दिन तक चलता था जन्मोत्सव

रियासतकाल में राधा-वल्लभ मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव बेहद भव्य रूप से मनाया जाता था। जन्मोत्सव के आयोजन छह से 12 दिनों तक चलते थे। इस दौरान भजन-कीर्तन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते थे। समय के साथ आयोजन का स्वरूप बदला, लेकिन जन्माष्टमी पर मंदिर में विशेष पूजा और जन्मोत्सव की परंपरा आज भी जारी है।

Shri Krishna birth: रात 12 बजे होगा जन्मोत्सव

मंदिर के पुजारी राम नरेश द्विवेदी के अनुसार जन्माष्टमी पर रात 12 बजे राजपुरोहित द्विपेश पांडेय द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की पूजा कराई जाएगी। इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। जन्मोत्सव के लिए सिंघाड़े और नारियल से बने विशेष व्यंजन भी तैयार किए जाएंगे।

खाटू श्याम बाबा मंदिर में भी आयोजन

शहर के खाटू श्याम बाबा मंदिर (Khatu Shyam Baba mandir) में भी पिछले 30 सालों से आस्था व उत्साह के साथ श्री कृष्ण जनमाष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। आज सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। श्रीकृष्ण के बालरूप को झूले में झुलाकर महिला-पुरुष पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

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