भीलवाड़ा। अजमेर सेंट्रल जेल में बंद भीलवाड़ा के साइको किलर दीपक नायर ने जेल में लगे टेलीफोन से बहन लता को जान से मारने की धमकी दी है। धमकी भरे कॉल से दहशत में आई बहन ने प्रतापनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरी तरफ जेल से धमकी मिलने पर अजमेर जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
भीलवाड़ा के बापूनगर निवासी दीपक नायर पर भीलवाड़ा में 22 अप्रेल को घर पर शराब पार्टी के दौरान दो दोस्त संदीप व मोनू की हत्या करने और उसी रात अय्यपा मंदिर के चौकीदार लालसिंह की बेरहमी से हत्या करने का आरोप है। आरोपी की मानसिक हालत ठीक नहीं होने का हवाला देते हुए जिला कारागार भीलवाड़ा ने न्यायिक अभिरक्षा में आए आरोपी दीपक को 7 मई की दोपहर को अजमेर सेंट्रल जेल भेज दिया था।
बहन की रिपोर्ट पर मामला दर्ज
प्रतापनगर थाना प्रभारी सुरजीत ठोलिया ने बताया कि आरोपी दीपक नायर की बहन लता सहदेवन की तरफ से रिपोर्ट दर्ज हुई है। परिवादी का कहना है कि दीपक से उसका कोई नाता नहीं है। वह अजमेर जेल से कॉल कर उसे धमका रहा है। जेल से रविवार शाम और सोमवार सुबह कॉल आया है। उसने कहा कि उसे रुपए की जरूरत है, नहीं भिजवाए तो परिवादी, उसके परिवार व सब को देख लेगा। उसे फंसाया गया है। समाज के लोग मंदिर कैसे चलाते हैं, यह भी वह देख लेगा। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जारी है। इधर, जेल से धमकी भरे कॉल मिलने के बाद लता व केरल समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक से सोमवार को मुलाकात की और रिपोर्ट दी।
आरोपी ने बहन के नम्बर दर्ज करवाए
हत्या के आरोप में भीलवाड़ा का दीपक नायर अजमेर सेंट्रल जेल में है। बंदी के लिए जेल में एसटीडी सुविधा लागू है। इसमें उसने अपनी बहन का नम्बर दर्ज करवा रखा है। बंदी पर निगरानी रखी जा रही है। मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
– आर. अंनतेश्वरन, जेल अधीक्षक, अजमेर सेंट्रल जेल
जेल में पहले कर चुका बंदियों से मारपीट
भीलवाड़ा। साइको किलर दीपक नायर पूर्व में भी एक अपराधिक मामले में भीलवाड़ा जिला कारागार में बंद रह चुका है। इस दौरान उसने बंदियों के साथ मारपीट की और जेल स्टाफ के साथ अभद्र तरीके से पेश आया। उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। उसे अजमेर सेंट्रल जेल भिजवाया दिया था। जिला कारागार अधीक्षक भैरुसिंह राठौड़ ने बताया कि पूर्व के रिकार्ड के आधार पर आरोपी को अजमेर सेंट्रल जेल भेजने की अनुशंसा उच्च स्तर पर की गई। इस पर 7 मई दोपहर 3:30 बजे आरोपी को अजमेर सेंट्रल जेल भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि सुभाषनगर पुलिस के आरोपी को 29 अप्रेल को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के बाद प्रतापनगर पुलिस ने 3 मई को प्रोडक्शन वारंट से गिरफ्तार किया। रिमांड अवधि समाप्ति होने पर उसे 7 मई को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश हुए।