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शहीद मेजर विनय नरवाल की पत्नी का AI से बनाया फर्जी अश्लील वीडियो, पिता और पुत्र गिरफ्तार

हरियाणा पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए मेजर विनय नरवाल की पत्नी का चेहरा मॉर्फ कर AI की मदद से फर्जी अश्लील वीडियो बनाकर यूट्यूब पर अपलोड करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है।

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

हरियाणा पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से शहीद की पत्नी का चेहरा मॉर्फ कर बनाए गए फर्जी अश्लील वीडियो के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। गुरुग्राम साइबर थाना की टीम ने बिहार के गोपालगंज जिले के मांझा थाना क्षेत्र के धोबवलिया गांव में छापेमारी कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला देश में AI के बढ़ते दुरुपयोग और शहीद परिवारों को निशाना बनाने की गंभीर प्रवृत्ति को उजागर करता है।

AI से बना अश्लील वीडियो YouTube पर डाला

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहिबुल हक और उसके बेटे गुलाब जिलानी के रूप में हुई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने 'S S REAL POINT' नामक यूट्यूब चैनल पर पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए मेजर विनय नरवाल की पत्नी का चेहरा अश्लील वीडियो पर मॉर्फ कर अपलोड किया था। इस शर्मनाक कृत्य को लेकर गुरुग्राम साइबर थाना में कांड संख्या 195/25 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने पिता और बेटे को किया गिरफ्तार

हरियाणा पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया और उन्हें अपने साथ गुरुग्राम ले गई है। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि इन आरोपियों ने इस तरह के कई और फर्जी वीडियो बनाकर विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपलोड किए थे। इनका उद्देश्य न केवल व्यक्तिगत छवि धूमिल करना था, बल्कि इससे साइबर माध्यमों के जरिए वायरल ट्रैफिक व कमाई भी की जा रही थी।

AI का गंदा खेल

पुलिस इस मामले में डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए आरोपियों के नेटवर्क और संभावित अन्य साथियों की तलाश कर रही है। शुरुआती संकेतों से लगता है कि यह एक संगठित साइबर अपराध गिरोह का हिस्सा हो सकता है, जो AI आधारित मॉर्फिंग तकनीकों का दुरुपयोग कर रहा है।

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शहीद की गरिमा पर हमला

गोपलगंज के एसपी अवधेश दीक्षित ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस कार्रवाई की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यूट्यूब चैनल को ट्रैक कर आरोपियों की पहचान की गई, जिसके बाद संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली।

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इस शर्मनाक घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। लोग गुस्से और चिंता में हैं कि कैसे देश के लिए जान देने वाले जवानों के परिवार भी अब डिजिटल अपराधियों के निशाने पर आ गए हैं। यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है, बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े करती है।

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