
अक्षय तृतीया का महत्व बहुत अधिक माना जाता है। इस दिन खरीदारी के साथ-साथ विवाह व मांगलिक कार्य भी अधिक होते हैं। क्योंकि इस दिन को विवाह के लिए अबूझ मुहूर्त के तौर पर देखा जाता है। कहा जाता है की अक्षय तृतीया के दिन मुहूर्त देखने की जरुरत नहीं पड़ती और जिस जोड़े के विवाह का मुहूर्त नहीं निकलता वे आखा तीज यानी अक्षय तृतीया के दिन विवाह कर सकते हैं। कहा जाता है की जो भी इस दिन विवाह करते हैं वे बहुत ही सुखी और प्रसन्न जीवन व्यतीत करते हैं। इसके साथ ही पंडित रमाकांत मिश्रा बताते हैं की जिन कन्या और वर की शादी में बाधा आ रही होती है, उन्हें अक्षय तृतीया के दिन कुछ विशेष उपाय करना चाहिए। इस दिन विधि पूर्वक उपाय करने से उन्हें जल्द ही जीवनसाथी मिल जाता है। आइए जानते हैं वे उपाय...
अक्षय तृतीया के दिन एक नारियल लें और नारियल को हाथ में लेकर अपने इष्ट देवता का स्मरण करें, अपना नाम और अपने गोत्र बोलें। इसके बाद उस नारियल को लेकर किसी बरगद के पेड़ की 7 बार परिक्रमा करें। परिक्रमा पूर्ण होने के बाद नारियल को उसी पेड़ के नीचे छोड़ दें। इस उपाय को सच्चे मन से करें, विवाह में आ रही बाधाएं दूर होगी।
अक्षय तृतीया के दिन दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव के मंदिर में मिट्टी बना पात्र दान करने से आपकी मनोकामना जल्द पूरी होती है।
अक्षय तृतीया की रात को एक पीला कपड़ा लेकर चौकी पर बिछाएं और पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठें। माता पार्वती की प्रतिमा इस पर स्थापित करें। मुट्ठी भर गेहूं भी इस पर रखें। गेहूं के ढेर पर ‘विवाह बाधा निवारण विग्रह’रखें। उसके बाद केसर और चंदन के लेप से अपने माथे पर तिलक लगाएं। हल्दी माला से इस मंत्र का जप करें।
पत्नीं मनोरमां देहि मनोवृत्तानुसारिणीम्। तारणीं दुर्गसंसारसागरस्य कुलोदभवाम्।।
ॐ गं घ्रौ गं शीघ्र विवाह सिद्धये गौर्यै फट्।
Published on:
28 Apr 2019 12:11 pm
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