
अमेरिका ने ईरान पर खूब हमले किए। (फाइल फोटो : पत्रिका)
US-Israeli Attacks Devastation in Iran : अमेरिका और इजरायल के हमले से खूबसूरत और पुरा वैभव वाले देश ईरान में तबाही मच गई। ईरान का इस्फहान शहर जंग से हुई बर्बादी की दास्तान कहता हुआ नजर आया। जंग के बाद जब पत्रकारों ने जायजा लिया तो 11 ऐतिहासिक इमारतों में हुए नुकसान के बारे में पता चला। यहां दिखा इमारतों का मलबा, टूटी टाइल्स और बिखरे फर्श जंग के बाद की बर्बादी की कहानी बयान करते हुए नजर आए । पत्रकारों ने देखा कि ट्रांस-ईरानी रेलवे और इस्फहान में जामा मस्जिद के साथ-साथ गुफाओं के पास स्थित 1,800 साल पुराना किला ढह गया, जहां 63,000 साल पहले तक इंसान रहते थे।शहर के केंद्र में हुए एक और बम विस्फोट ने 400 साल पुराने शाही परिसर के फर्श को मलबे के टुकड़ों से ढक दिया।
यहां नजारा ऐसा था कि विस्फोट की पहली लहर से प्राचीन शहर इस्फहान के सबसे प्रसिद्ध चौक के आसपास के प्राचीन गुंबद और मीनार कांप उठे। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान की 140 ऐतिहासिक जगहों को नुकसान पहुंचा है। गत 28 फरवरी से अमेरिका और इजरायल के हमलों के कारण ईरान के 20 प्रांतों में नुकसान हुआ है। सबसे ज़्यादा प्रभावित जगहें 63 तेहरान में दर्ज की गईं, इसके बाद इस्फहान में 23 और गोलेस्तान में 12 जगहें प्रभावित हुईं। हालांकि ईरान ने भी इजरायल पर जवाबी हमला किया।
वहीं 7 और 9 मार्च को हुए उन इजरायली हवाई हमलों से नक्श-ए-जहान चौक और चेहल सोतून महल के स्मारक हिल कर कर रह गए, जो ईरान के दो सबसे कीमती सांस्कृतिक परिसर हैं। दो सप्ताह बाद कुछ जगह पर प्लास्टर और टूटी हुई टाइलें पैरों के नीचे चरमराहट की आवाज करती हुई दिखाई दीं।
सोलह बरसों से म्यूजियम के सुरक्षा गार्ड का काम कर रहे रसूल मोसावी ने पत्रकारों के दल को बताया, ये इमारतें ईरान के लिए किसी अंग की तरह थीं,जिनका सिर विस्फोट में लगी चोट के कारण अभी भी पट्टियों से बंधा हुआ था। यह जगह मेरे दिल के बहुत करीब है।' यहां छत से 9 मार्च के बम का टारगेट 200 मीटर से भी कम दूरी पर दिखाई दे रहा था और इस्फहान के गवर्नर का भवन आंशिक रूप से नष्ट दिखाई दिया।
जंग शुरू हुई - 28 फरवरी 2026.
जंग चली-40 दिन तक।
तनाव खत्म-15 जून 2026 को शांति वार्ता पर हस्ताक्षर किए गए।
Published on:
29 Jun 2026 05:21 pm
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