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Video: कोयला, चंदन व माटी से होता था शृंगार, जलती थी मशाल

staging of Ramlila

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सार्वजनिक श्री रामलीला मण्डल छिंदवाड़ा जिले की सबसे प्राचीन समितियों में से एक है। मण्डल की स्थापना वर्ष 1889 में की गई है। छोटा बाजार की श्रीराम लीला में एक समय ऐसा था, जब बिजली नहीं तो मंच पर मशाल से रोशनी की जाती थी। कलाकारों का शृंगार कोयला, चंदन और माटी से होता था। दशहरा तक रामलीला का मंचन नियमित जारी रहेगा।