
धारवाड़ की केलगेरी झील में बेंगलूरु से लाई गई मशीन से जलकुंभी हटाने का प्रायोगिक कार्य।
हुब्बल्ली. शहर की प्रमुख पर्यटन स्थली उणकल झील इन दिनों जलकुंभी (जल काई) की चपेट में है। लगभग 240 एकड़ में फैली इस झील के तट और आसपास के करीब 30 एकड़ क्षेत्र में जलकुंभी तेजी से फैल गई है। इससे झील की सुंदरता प्रभावित हो रही है और पर्यटकों की संख्या घट रही है।
हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम ने हाल ही में यहां नौकायन (बोटिंग) सुविधा शुरू की है, लेकिन झील में मिल रहे गंदे पानी की दुर्गंध और चारों ओर फैली जलकुंभी के कारण लोग बोटिंग से परहेज कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यहां सूर्यास्त देखने बड़ी संख्या में लोग जुटते थे, परन्तु अब बदबू और काई के कारण भीड़ कम हो गई है।
झील में गामनगट्टी, रायापुर, अमरगोल और सुतगट्टी गांवों से प्रतिदिन गंदा पानी आकर मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक सीवेज का प्रवाह नहीं रोका जाएगा, तब तक जलकुंभी की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी।
महानगर निगम ने जलकुंभी हटाने और जल गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जेएमएस बायोटेक को 42.30 लाख रुपए का ठेका दिया है।
कंपनी के प्रतिनिधि नवीन एस. दोड्डमनी ने बताया कि निर्धारित छह कर्मियों के बजाय नौ कर्मचारियों को लगाया गया है ताकि सफाई तेजी से हो सके। फिलहाल झील के पिछली ओर के तट से जलकुंभी हटाने का कार्य चल रहा है।
महानगर निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में उणकल, तोलनकेरे, साधनकेरे और केलगेरी झील समेत 20 से अधिक झीलें हैं, जिनमें जलकुंभी की समस्या देखी जा रही है। 15वें वित्त आयोग के तहत 40 लाख रुपए मशीन खरीद के लिए आरक्षित किए गए हैं। हाल ही में केलगेरी झील में बेंगलूरु से मंगाई गई मशीन से प्रायोगिक रूप से जलकुंभी हटाई गई।
निवासियों का कहना है कि केवल काई हटाने से समाधान नहीं होगा। झील में गिरने वाले गंदे पानी पर तत्काल रोक लगानी होगी।
हाल ही में, जेएमएस बायोटेक को उणकल झील में उगने वाले खरपतवार को हटाने और पानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए 42.30 लाख रुपए का टेंडर दिया गया है। काम चल रहा है।
-विट्ठल तुबाकी, कार्यकारी अभियंता, महानगर निगम उत्तर विभाग
हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम के अधिकार क्षेत्र में 20 से ज्यादा झीलें हैं, जिनमें उणकल झील, तोलनकेरे झील, साधनकेरे झील और केलगेरी झील शामिल हैं। कुछ झीलों में खरपतवार उग आए हैं। उन्हें हटाने के लिए मशीन खरीदने की खातिर 15वें फाइनेंशियल प्लान के तहत 40 लाख रुपए दिए गए हैं। हाल ही में, धारवाड़ की केलागेरी झील में उगे खरपतवार को हटाने के लिए बेंगलूरु से एक मशीन लाई गई थी और एक्सपेरिमेंट के तौर पर खरपतवार हटाने का काम किया गया था। जल्द ही ऐसी मशीन खरीदने की सोच रहे हैं।
-रियाज अहमद आई हुब्बल्ली, कार्यकारी अभियंता, धारवाड़ विभाग, हुब्बल्ली-धारवाड़ महानगर निगम
Published on:
16 Feb 2026 08:28 pm
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