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तीन साल पहले जहां १६ बच्चे दर्ज थे, वहां अब बचे दस, कई स्कूलों में यही स्थिति

-जिले की 73 प्राथमिक शालाओं के हाल बेहद खराब, दमोह ब्लॉक के सबसे अधिक 42 स्कूल शामिल। -वर्ष 2021-22 और वर्ष 2023-24 के आंकड़ों में भारी अंतर।

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दमोह

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Aakash Tiwari

May 11, 2024

-जिले की 73 प्राथमिक शालाओं के हाल बेहद खराब, दमोह ब्लॉक के सबसे अधिक 42 स्कूल शामिल।
-वर्ष 2021-22 और वर्ष 2023-24 के आंकड़ों में भारी अंतर।

दमोह. गरीब परिवारों के बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोडऩे के लिए अंचलों में खुले सरकारी स्कूल धीरे-धीरे खाली होते जा रहे हैं। वर्ष २०२३-२४ के आंकड़ों में २० और उससे कम संख्या वाले स्कूलों की संख्या जिले में १३४ है। पत्रिका ने तीन साल पहले इन्हीं स्कूलों में दर्ज छात्रों की स्थिति देखी। जानकर हैरानी होगी कि इनमें से ७३ स्कूल ऐसे हैं, जहां पर दर्ज बच्चों की संख्या में कोई सुधार नहीं हुआ है। उल्टा इन स्कूलों में दर्ज बच्चों की संख्या घटी है।
पटेरा ब्लॉक के बमुरिया बनगांव में २०२१-२२ में १६ बच्चे दर्ज थे। पिछले साल २०२३-२४ में यहां पर संख्या घटकर १० हो गई। इसी तरह इमलाई कोटा में ०९ में से सिर्फ ०६ छात्र ही बचे हैं। पथरिया ब्लॉक के पिपरिया लूहर बेरखेड़ी प्राथमिक शाला की बात करें तो यहां भी तीन साल पहले १८ बच्चे दर्ज थे, अब यहां पर दस बच्चे ही दर्ज हैं।

-रिपोर्ट चिंताजनक, अधिकांश में कम हुए छात्र

राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार हर तीन साल में प्राथमिक शालाओं का रिव्यू किए जाने के निर्देश है। निर्देशों के अनुसार स्थानीय स्तर पर यह सर्वे किया जाता है कि स्कूलों में दर्ज बच्चों की संख्या बढ़ है या फिर उसमें कमी आई है। वर्ष २०२१-२२ और पिछले साल २०२३-२४ की रिपोर्ट में चौकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इनमें अधिकांश स्कूलों में बच्चों की संख्या में गिरावट दर्ज हुई है।

-यह है स्कूल जहां है स्थिति चिंताजनक

जिला शिक्षा केंद्र से मिली रिपोर्ट के अनुसार जिले के पटेरा में १२, पथरिया के ६, दमोह के २४, हटा के ८, तेंदूखेड़ा ६, जबेरा के १२ और बटियागढ़ के पांच स्कूलों में २० व उससे कम संख्या में छात्र अध्ययनरत हैं। इसके अलावा वर्ष २०२१-२२ की तुलना में छात्र संख्या में कमी आई है।

-सवालों के घेरे में आ रहे कम संख्या वाले स्कूल

बीस व दस से कम संख्या वाले स्कूलों की संख्या ज्यादा है। वहीं, इन गांवों में निजी स्कूल भी संचालित हो रहे हैं। आशंका है कि एक छात्र की डबल आइडी बनी हुई है। यह छात्र निजी स्कूल के साथ सरकारी स्कूल में भी दर्ज हैं। हालांकि २०१८ के बाद से अभी तक जिम्म्मेदारों ने यह जानने की कोशिश नहीं की है कि इन स्कूलों में छात्र संख्या कम क्यों हो रही है।

-इन वर्षों में हुए थे स्कूल बंद
२०१२ १० प्राथमिक शालाएं हुई थी बंद।
२०१५ ०३ प्राथमिक शालाएं हुई थी बंद।
२०१८ ३७ प्राथमिक शालाएं हुई थी बंद।
-यह थे स्कूल बंद होने के कारण
एक परिसर में एक से अधिक स्कूलों को मर्ज किया गया था।
एक किमी के दायरे में एक से अधिक स्कूल होने पर।
छात्र संख्या कम होने पर।

वर्शन

प्राथमिक शालाओं का रिव्यू होना है। चुनाव के बाद रिव्यू करेंगे। हम एक कमेटी गठित कर जांच भी कराएंगे।

मुकेश द्विवेदी, डीपीसी दमोह

कलेक्टर ने देखी कॉरिडोर की डिजाइन, मांगे सुझाव, मंदिर का किया निरीक्षण
-श्री जागेश्वरनाथ मंदिर बांदकपुर में बनाए जाने वाले कॉरिडोर को लेकर कलेक्टर ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों से की चर्चा
दमोह. देव श्री जागेश्वर नाथ मंदिर बांदकपुर में शनिवार को कलेक्टर पहुंचे। यहां उन्होंने मंदिर न्यास सभा समिति के साथ एक बैठक की। कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने जागेश्वनाथ लोक कॉरिडोर निर्माण के संबंध में चर्चा की। ड्राइंग देखी और उसका अध्ययन किया। इसके बाद सुझाव मांगे। समिति सदस्यों ने १४ सुझाव रखे। बैठक मे विशेष रूप से मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पं सुरेश मेहता , पंकज हर्ष श्रीवास्तव, अनुराग श्रीवास्तव, अखिलेश चांदोलकर, मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक पं राम कृपाल पाठक, प्रवक्ता आचार्य पं रवि शास्त्री की उपस्थिति रही