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बिसाहड़ा कांडः फिर बढ़ी फॉरेंसिक रिपोर्ट सार्वजनिक करने की तारीख

अब 17 मई को होगी केस की सुनवाई
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Lokesh Kumar

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May 09, 2016

bisahara kand

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नोएडा।
बिसाहड़ा मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट की नकल तहरीर को लेकर फैसला सुनाने के लिए कोर्ट ने अब 17 मई की तारीख दी है। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने फॉरेंसिक रिपोर्ट की नकल कॉपी की मांग की थी। वहीं दूसरे पक्ष के अधिवक्ता ने इसको लेकर असहमति जताई। सोमवार को कोर्ट में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की जिरह के बाद न्यायाधीश ने अगली तारीख सुनिश्चित कर दी है।


इधर फॉरेंसिक रिपोर्ट की नकल मिलने की आस लगाए बैठे आरोपियों के परिजनों को आज फिर निराशा हाथ लगी है। आरोपियों के परिजनों ने कहा कि फॉरेंसिक रिपोर्ट की नकल मिलने और सार्वजनिक होने से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा, लेकिन दूसरा पक्ष नहीं चाहता कि रिपोर्ट खोली जाए।


आरोपियों के परिजनों ने कहा कि यही कारण है कि हर बार तारीख को आगे बढ़ा दिया जाता है। पिछले डेढ़ माह में चार तारीख लगने के बाद भी न तो फॉरेंसिक रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है और न ही इसकी नकल रिपोर्ट दी जा रही है।


17 मई को होगा रिपोर्ट पर फैसला

आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि आज भी नकल तहरीर को लेकर दोनों पक्षों में जिरह हुई। इसके बाद न्यायाधीश ने नकल रिपोर्ट दी जाए या नहीं इस पर फैसला देने के लिए अगली तारीख 17 मई लगाई गई है। अब 17 मई को केस की सुनवाई होगी।


यह था मामला

बता दें कि 28 सितंबर 2015 की रात अखलाक की हत्या का कारण बने मांस के कुछ अंश को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से उसे मथुरा फॉरेंसिक जांच के लिए भेज गया था। इसमें गांव वालों का आरोप था कि अखलाक के परिवार ने गाय काटी है। इसी सूचना के बाद पहुंचे गांव वालों ने अखलाक के घर में हमला बोल दिया था। इसके बाद अखलाख की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। वहीं उसके एक बेटे को अधमरा कर दिया था।


अखलाक के बेटे की शिकायत पर गांव के ही 18 युवकों को हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। साथ घर में रखे मांस के कुछ अंश को लेकर फॉरेंसिक लैब में भेजा गया था। जिसकी रिपोर्ट न्यायधीश के आदेश पर कोर्ट में जमा कराई जा चुकी है। वहीं आरोपी पक्ष पिछले काफी समय से फॉरेंसिक रिपोर्ट की नकल कॉपी की डिमांड कर रहा है।