
गाजियाबाद। जिले की जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी मावी के लापता भतीजे सूरज मावी का शव दनकौर के पास गंगनहर में मिला है। वह चार दिन से लापता था। उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। जिला पंचायत अध्यक्ष के पति पवन मावी ने बताया कि उनके भाई का लड़का टीला गांव में ही रहता था। वह दिल्ली में ड्राइवरी करता था। 26 अगस्त को रक्षाबंधन मनाकर वह 5-6 बजे घर से थोड़ी देर में आने की बात कह कर निकला था। देर रात तक भी वापस न आने पर परिवार के लोगों ने उसे तलाश किया लेकिन पता नहीं चल सका।
28 अगस्त को मुरादनगर पुलिस ने उन्हें फोन पर बाइक और चप्पल गंग नहर के पास पड़े होने की सूचना दी थी। आपको बता दें कि पवन मावी गाजियाबाद जिले में भाजपा के वरिष्ट नेता हैं। गत वर्ष दिसंबर माह में उनकी पत्नी गाजियाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुई थीं। गाजियाबाद जिला पंचायत अध्यक्ष का पद सपा के वरिष्ठ नेता व एमएलसी आशु मलिक के भाई नूरहसन मलिक के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद से खाली था। उसके बाद हुए चुनाव में लक्ष्मी मावी जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुईं थीं।
क्या होता है जिला पंचायत अध्यक्ष
आपको बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष को जिले का प्रथम नागरिक माना जाता है। उसे राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त होता है। वह त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली के सबसे बड़े पद का मुखिया होता है। जिला पंचायत द्वारा पूरे जिले के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी जिला पंचायत अध्यक्ष की होती है। प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत प्रणाली के अंतर्गत जिला पंचायत, क्षेत्रपंचायत और ग्राम पंचायत के चुनाव होते हैं। प्रदेश में पिछले पंचायत चुनाव वर्ष 2015 में संपन्न हुए थे।
Published on:
31 Aug 2018 01:40 pm
बड़ी खबरें
View Allनोएडा
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
