1 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कैराना-नूरपुर उपचुनाव से पहले बसपा सुप्रीमो ने कार्यकर्ताओं से कह दी ऐसी बात कि भाजपा में मची खलबली

बसपा सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में 23 मई को बुलाई थी बैठक
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नोएडा

•

image

Rahul Chauhan

•

Updated: 24 May 2018, 6:46 PM IST

नोएडा। यूपी में फूलपुर और गोरखपुर में सपा को समर्थन देकर भाजपा को शिकस्त देने में मिली सफलता के बाद बसपा प्रमुख मायावती उत्साहित हैं। अब उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों को लखनऊ बुलाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट व नूरपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए दिशा निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें-नूरपुर उपचुनाव: सीएम योगी ने यह कहकर मांगा भाजपा प्रत्याशी अवनी सिंह के लिए जनता से वोट

पार्टी सूत्रों के अनुसार जिस दिन कर्नाटक में भाजपा बहुमत साबित नहीं कर पाई थी, उसी दिन मायावती ने उप्र के पार्टी पदाधिकारियों को 23 मई की पार्टी मीटिंग के लिए लखनऊ पहुंचने का फरमान जारी कर दिया था। मेरठ से लखनऊ गए पार्टी पदाधिकारियों को बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा के खिलाफ 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले शुरू किए जाने वाले अभियान के बारे में जानकारी दी और उसकी तैयारी के लिए कहा। इसके साथ ही उन्होंने कैराना व नूरपुर उपचुनाव के लिए भी पार्टी कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर स्थिति साफ की।

यह भी पढ़ें-कैराना उपचुनावः मतदान से पहले लोकदल को लगा बड़ा झटका, प्रत्याशी ने थाम लिया इस दल का दामन

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बसपा सुप्रीमो ने पदाधिकारियों से कहा कि वे कैराना और नूरपुर उपचुनाव में गठबंधन के प्रत्याशी को पूरा सहयोग व समर्थन दें। दोनों ही स्थानों के दलित वोटरों को गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में वोट करने को कहा है। कैराना पर हालांकि बीएसपी का गैर बीजेपी दलों को समर्थन जगजाहिर है, लेकिन कार्यकर्ताओं को उसमें किस तरह सहयोग करना है इसको लेकर अभी तक उनमें संशय बना हुआ था। वह पूरी तरह से खुलकर नहीं आ रहे थे, लेकिन कल यानी 23 मई को हुई पदाधिकारियों की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने यह पूरी तरह से साफ कर दिया कि कार्यकर्ता और पदाधिकारी गठबंधन के प्रत्याशी का समर्थन करें।

यह भी पढ़ें-कर्नाटक के बाद अब इन सीटों पर भाजपा को पटखनी देने पर हैं विरोधी दलों की निगाहें

इससे पूर्व बीती दस मई को लखनऊ में बैठक हुई थी। जिसमें भाईचारा कमेटियों के प्रमुख लोगों को बुलाकर कैराना और 2019 के चुनाव के साथ बीजेपी की दलित के घर भोजन करने के अभियान की काट करने वाली मुहिम की शुरू करने की जानकारी देने की बात कही जा रही है। बीएसपी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश प्रभारी शमसुद्दीन राइन के अनुसार नूरपुर-कैराना उपचुनाव में बसपा गठबंधन के प्रत्याशी को समर्थन देगी। इसके लिए बहन जी ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को बैठक में जरूरी दिशा-निर्देश दिए।