चंद्रशेखर उर्फ रावण को इस पार्टी ने दिया आॅफर, अंतिम फैसले का इंतजार

चंद्रशेखर उर्फ रावण को इस पार्टी ने दिया आॅफर, अंतिम फैसले का इंतजार

Nitin Sharma | Publish: Sep, 16 2018 04:17:28 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

इस राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी से मिला आॅफर

नोएडा।16 महीने का लंबे समय जेल में बिताने के बाद बाहर आए चंद्रशेखर उर्फ रावण लगातार सुर्खियों में बने हुए है।इसकी वजह उनके भाजपा के धूर विरोधी होने के साथ ही लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के खिलाफ खड़े होने का एेलान करना है।हालांकि इसके साथ ही चंद्रशेखर उर्फ रावण ने राजनीति में आने से साफ इनकार कर दिया है।लेकिन उनके जेल से बाहर आने के बाद से यूपी की सियासत में बड़ा तूफान मचा है।इसबीच ही इस राजनीतिक पार्टी ने चंद्रशेखर को शामिल होने का खुला आॅफर दे दिया है।

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें-पत्रिका के साथ बातचीत में भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण ने खोला यह बड़ा राज

इस राजनीतिक पार्टी से मिला बड़ा आॅफर

दरअसल गुरुवार रात को जेल से बाहर आने के बाद चंद्रशेखर उर्फ रावण ने भाजपा को हराने एजेंड़ा सेट करने के साथ ही बसपा से सुप्रीमो मायावती से अपना खून का रिश्ता बताया था। इतना ही नहीं उन्हें अपनी बुआ बताया था। वहीं राजनीतिक पार्टी में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया था। इसके तीन दिन बाद ही मायावती ने रविवार को भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर पर बड़ा बयान दिया। इसके साथ ही उन्हें यह बड़ा आॅफर भी दिया है। इसमें उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोग मुझसे रिश्ता बनाने की कोशिश कर रहे है। एेसे लोगों से मेरा कोर्इ रिश्ता नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि चंद्रशेखर उर्फ रावण को अलग से संगठन बनाने की जरूरत क्यों पड़ी। अगर उन्हें लड़ना है तो वह बसपा के झंडे के नीचे आकर लड़े। हालांकि अभी तक मायावती के इस बयान के बाद चंद्रशेखर का इस पर कोर्इ जवाब नहीं आया है। इसकी वजह अचानक उनकी तबीयत खराब होना है। जिसकी वजह से चंद्रशेखर उर्फ रावण से मुलाकात पर डाॅक्टरों ने रोक लगार्इ हुर्इ है।

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मायावती को बताया था बुआ जी

गुरुवार रात को जेल से रिहा होते ही भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर उर्फ रावण ने चुनाव 2019 को लेकर भाजपा के खिलाफ बड़ी घोषणा कर दी है।चंद्रशेखर ने कहा है कि भाजपा पार्टी को 2019 में उखाड़ फेंकेंगे और इसके लिए आज से ही मेहनत शुरु हो गई है। इसी के बाद चंद्रशेखर ने बसपा सुप्रीमो मायावती को बुआ जी बताया और कहा कि बुआ जी ने दलितों की रक्षा के लिए बहुत मेहनत की है। बहुत काम किया है और वह मेरी बुआ जी हैं।यह कहने के बाद चंद्रखेशर ने बताया कि, उनसे खून का रिश्ता है जो भी दलितों की आवाज उठाता है।उन सभी से मेरा खून का रिश्ता है।इसलिए मायावती से भी खून का रिश्ता है। लेकिन मायावती ने इसके जवाब में उनसे कोर्इ रिश्ता न होने की बात कही है।बल्कि लड़ने के लिए बसपा के झंडे तलने आने की बात कह दी।

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