2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

जर्मनी में देश का नाम रोशन करेगी मेरठ की प्रिया, सीएम योगी ने दी 4.5 लाख की मदद

मेरठ के मवाना निवासी 19 वर्षीय प्रिया सिंह का चयन जर्मनी में 22 जून को होने वाली आईएसएसएफ जनियर वर्ल्ड कप में हुआ है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

नोएडा

•

image

Rahul Chauhan

•

Updated: 9 Jun 2018, 5:12 PM IST

yogi

जर्मनी में देश का नाम रोशन करेगी मेरठ की प्रिया, सीएम योगी ने दी 4.5 लाख की मदद

मेरठ। एक तरफ हाल ही में यूपी की बेटियों ने सीबीएसई में टॉप कर अपने परिजनों और प्रदेश का नाम रोशन किया तो दूसरी ओर मेरठ की एक बेटी अब जूनियर वर्ल्ड कप में हिस्सा लेकर देश का नाम रोशन करेगी। दरअसल, मेरठ के मवाना निवासी 19 वर्षीय प्रिया सिंह का चयन जर्मनी में 22 जून को होने वाली आईएसएसएफ जनियर वर्ल्ड कप में हुआ है। हालांकि आर्थित तंगी के चलते प्रिया इसमें हिस्सा लेने में असमर्थ थी।

यह भी पढ़ें : यूपी के इस जिले में जल्द 180 किमी रफ्तार से चलेगी ऐसी ट्रेन जिसमें आएगा हवाई जहाज जैसा आनंद

जिसके बाद उसने पीएम मोदी से मदद की गुहार लगाई। यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सीएम योगी ने प्रिया के परिजनों को 4.5 लाख की तत्काल मदद मुहैया कराने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं। भारत की ओर से इस प्रतियोगिता में 6 प्रतियोगियों का चयन हुआ है। जिसमें प्रिया का स्थान चौथा है और उनका चयन 50 मीटर राइफल कैटेगरी में हुआ है।

यह भी पढ़ें : यूपी के इन जिलों में तेज बारिश के बाद मौसम विभाग ने जारी किया बड़ा अलर्ट

वहीं घर के आर्थिक हालात ठीक नहीं होने के चलते प्रिया ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि वह इस जूनियर वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना चाहती है। लेकिन उसके पास तीन-चार लाख रुपये का इंतजाम नहीं है। उसके पिता मजदूर हैं और पैसा नहीं जुटा पा रहे हैं। मदद के लिए वह दो बार खेल मंत्री से भी मिलने गई लेकिन वह नहीं मिले।

यह भी पढ़ें : रमजान के आखिरी शुक्रवार हुआ कुछ ऐसा कि सड़कों पर उतर गए मुसलमान और किया प्रदर्शन

प्रिया के पिता बृजपाल सिंह ने बताया कि उन्होंने बेटी को प्रतियोगिता में भेजने के लिए स्थानीय विधायक, खेल मंत्री सहित कई अन्य प्रतिनिधियों से गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा गया। जिसके बाद मैंने अपनी बेटी का खेल में हिस्सा लेने के लिए एक मित्र से कर्ज भी लिया है। इसके अलावा अपनी भैंस भी बेच दी। हालांकि बाद में मदद की खबर सुनकर परिजनों को राहत मिली है और उनका कहना है कि उनकी बेटी देश का नाम रोशन करेगी।