Dr. Suresh Chavhanke ने अपने बयान में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां लोग सुबह उठकर गाय की पूजा करते हैं और उसे समृद्धि का प्रतीक मानते हैं, वहां गौहत्या अत्यंत पीड़ादायक विषय है। उन्होंने कहा कि गौसंरक्षण केवल धार्मिक भावना का मुद्दा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारंपरिक जीवनशैली की रक्षा से जुड़ा विषय है।