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Tech Couple Expenses Noida: नोएडा में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में काम करने वाले एक टेक कपल ने अपनी लाइफस्टाइल और हर महीने होने वाले खर्चों का खुलासा किया है। सॉफ्टवेयर इंजीनियर छवि माहेश्वरी और उनके पति रिपेश यादव पिछले 8 सालों से नोएडा में रह रहे हैं। उनका कहना है कि हालांकि नोएडा में अब रहना महंगा होता जा रहा है, लेकिन बेहतर करियर और अपने परिवार के नजदीक होने की वजह से यह शहर उनके लिए एकदम परफेक्ट और संतुलित है।
छवि मुजफ्फरनगर, यूपी और रिपेश जसपुर, उत्तराखंड ने साल 2014 से 2018 के बीच एनआईटी उत्तराखंड से कंप्यूटर साइंस में बी.टेक किया। इसके बाद 2018 में दोनों ने सैमसंग नोएडा से अपने करियर की शुरुआत की। साल 2020 में उन्होंने गोल्डमैन सैक्स कंपनी जॉइन की और आखिरकार जनवरी 2022 में दोनों एक साथ माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर शामिल हुए। फिलहाल यह कपल सेंट्रल नोएडा के सेक्टर 75 में रहता है।
छवि ने बताया कि नोएडा में रहने का सबसे बड़ा कारण नौकरी से ज्यादा उनका परिवार है। नोएडा से छवि का मायका सिर्फ ढाई घंटे और रिपेश का घर करीब 4 घंटे की दूरी पर है। इससे वे जब चाहें बिना किसी लंबी प्लानिंग के अपने परिवार से मिलने जा सकते हैं। यह शहर उन्हें अपने घर जैसा अहसास और भावनात्मक सुकून देता है।
छवि और रिपेश अपने खर्चों को ट्रैक करने के लिए किसी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल नहीं करते। उन्होंने एक बेहद सरल तरीका अपनाया है। दोनों हर महीने एक जॉइंट अकाउंट में ₹80,000–₹80,000 डालते हैं। इसी खाते से घर का किराया, ईएमआई और रोजमर्रा के सारे खर्च निपटाए जाते हैं।
छवि का मानना है कि बेंगलुरु या हैदराबाद जैसे बड़े आईटी शहरों की तुलना में नोएडा आज भी थोड़ा सस्ता है, लेकिन 2018 के मुकाबले यहां महंगाई काफी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि लोग अक्सर नोएडा आते वक्त सोसाइटी के मेंटेनेंस चार्ज, बाहर खाने-पीने के खर्च और छोटे-मोटे सब्सक्रिप्शन जैसे छिपे हुए खर्चों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में बड़ा बजट बना देते हैं। फिर भी, परिवार की नजदीकी के कारण यहां रहना फायदे का सौदा है।
नोएडा आने वाले युवाओं को छवि ने सलाह दी है कि वे अपने ऑफिस की दूरी और परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही रहने की जगह चुनें। उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु और हैदराबाद के मुकाबले नोएडा में टेक कंपनियों के मौके थोड़े कम हैं, इसलिए युवाओं को अपने करियर के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं को देखकर ही कोई फैसला लेना चाहिए।
Published on:
25 May 2026 06:27 pm
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