
आने वाला है दशहरा, उससे पहले गूगल पर खूब सर्च हो रहा है ये
नोएडा। Dussehra 2018-Dussehra essay in hindi:दशहरा भारत के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक है। जिसे पूरे देश में धूम-धाम से मनाया जाता है। स्कूलों में दशहरा के दिन छुट्टी रहती है। लेकिन दशहरा पास आते ही बच्चे दशहरा या विजयादशमी पर निबंध सर्च करने लगते हैं। इस बार दशहरा 19 अक्तूबर को है। स्कूल कॉलेजों में भी छात्रों में त्योहार के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने के लिए और उन्हें अपने देश के त्योहारों से रूबरू होने के लिए निबंध या विजयादशमी पर निबंध ( Essay on Dussehra / Dussehra Par Nibandh ) लिखवाए जाते हैं। सिर्फ दशहरा ही नहीं दिवाली, होली पर भी निबंध आते हैं। तो आज हम स्कूल के छात्रों के लिए दशहरा पर निबंध लेकर आएं हैं जिसे पढ़ कर उन्हें काफी मदद मिल सकती है।
दशहरा पर निंबध लिखते समय सबसे पहले प्रस्तावना लिखें। जिसमें संक्षेप यानी शार्ट में दशहरा के बारे में बताया जाता है। इसके बाद क्यों मनाया जाता है शिर्षक डाल कर उसके अंदर दशहरा के मनाए जाने का कारण लिखे। यानी इतिहास के बारे में। अगला शिर्षक महत्व का डालें। इसमें दशहरा त्योहार मनाए जाने का महत्व बताए। साथ ही यह भी बताएं कि इससे क्या सीख मिलती है।
प्रस्तावना-
दशहरा हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है, लेकिन इसे प्राय पूरे देश में सभी एक साथ मिल कर मनाते हैं। दशहरा से पहले नौ दिन तक नवरात्रि होती है नवरात्रि के दसवें दिन ही दशहरा होती है। इसलिए इसे दशहरा भी कहते हैं। इस दिन शहरों और गांवो में मेले लगते हैं साथ ही रावण का पुतला दहन किया जाता है। दशहरा प्राय: सिंतबर या अक्टूबर महीने में पड़ता है। 9 दिन देवी मां के पूजा अर्चना के बाद यह विजयादशमी आती है। इस दिन पकवान आदि सबके घरों में बनाये जाते है।
दशहरा क्यों मनाया जाता है?
धार्मिक ग्रंथों और पुराणों के अनुसार भगवान राम को जब 14 साल के लिए वनवास भेजा गया था। भगवान राम माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ जंगलों में अपना वनवास काट रहे थे। तभी आखिरी समय में रावण ने सीता माता का हरण कर लिया। जिसके बाद भगवान राम ने हनुमान जी की मदद से रावण का वध कर अयोध्या पहुंचे थे। इसलिए भी इस पर्व को 'विजयादशमी' कहा जाता है। दशहरा को बुराई पर अच्छाई की जीत कहा जाता है। दशहरा से पहले जगह-जगह रामलीला का मंचन होता है। लोग भगवान की पूजा करते हैं। जिसे देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ होती है। इस दिन मेले भी लगते हैं। जिससे बच्चों के अलावा बड़े-बूढ़े सभी घूमने जाते हैं और उनका उत्साह देखते बनता है।
निष्कर्ष
दशहरा प्रमुख रूप से ऐसा पर्व है जो लोगों के मन में नई ऊर्जा, बुराई पर अच्छाई की जित और मन में नई चाह और साकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है। जिस प्रकार लाख भगवान की पूजा करने के बावजूद रावण के अंहकार और उसके अपराध की वजह से उसका अंत होता है। इसीतरह मां दुर्गा ने भी महिषासुर को मारकर बुराई का अंत किया।
Updated on:
15 Oct 2018 02:32 pm
Published on:
08 Oct 2018 01:55 pm
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