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जान बचाने में मददगार है जहरीले सांपों का जहर, इस मामले में कैसे फंसे एल्विश यादव? जानें सबकुछ

जानलेवा बीमारियों में कारगर साबित होने वाले सांप के जहर को विश्व भर में नशे के लिए उपयोग किया जाने लगा है। आइए जानते हैं कैसे इस नशे का शिकार युवा और किशोर हो रहे हैं। इसी मामले में बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता और यूट्यूबर एल्विश यादव बुरे फंसे हैं।

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Elvish Yadav Poison of poisonous snakes is helpful in saving life

आज के समाज की सबसे बड़ी समस्या युवाओं और किशोरों में नशे की लत का बढ़ना है। अपने नशे की लत को अगले पायदान पर ले जाने और खुद को हाई फील कराने के लिए युवा और किशोर खुद को सांप से कटवाने की ओर ले जा रहे हैं। इसी के चलते दुनिया भर में रेव पार्टियों का चलन बढ़ गया है। अपने इस शौक को पूरा करने के लिए लोग स्थानीय सपेरों की मदद लेते हैं। कई बार रेव पार्टियों में इसके लिए मुंह मांगी कीमत अदा की जाती है।

नशे की डोज के हिसाब से शरीर के अलग-अलग अंगों पर लेते हैं स्नेक बाइट
इंडियन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी एंड फार्माकोलॉजी में 2021 में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक स्नेक बाइट या सांप से कटवाना एक मनोरंजक प्रवृत्ति बनती जा रही है। इस शोध में कहा गया है कि इस तरह के मामलों में शामिल युवा पहले से ही अलग-अलग तरह के नशे करते रहे हैं।

नींद की तीव्र इच्छा रखने की प्रवृत्ति, प्रसन्नता पूर्ण मनोदशा, उत्साह महसूस करने के लिए युवा और किशोर खुद को सांप से कटवाते हैं। जहर की डोज को ध्यान में रखते हुए पैर की छोटी उंगली, कान की लौ, होंठ, जीभ का अगला भाग पर सांप से कटवाया जाता है।

सांप को गुस्सा दिला लेते हैं स्नेक बाइट
स्नेक बाइट लेने के लिए सांप को संभाल रहा व्यक्ति जरूरत के मुताबिक सांप के सिर में हाथ या किसी वस्तु से चोट करता है। इससे गुस्साया सांप खुद के बचाव में सामने मौजूद व्यक्ति को काट लेता है।

एक दूसरे से लग रही लत
एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्नेक बाइट के नशे की लत एक दूसरे से ही युवाओं को लग रही है। शुरुआत में किसी नजदीकी या दोस्त के उपयोग करने पर इसे लेने की चाहत से शुरुआत होती है। फिर धीरे-धीरे इसकी लत लग जाती है। बताया जाता है कि इसका नशा करने वाले लोग इसे अन्य मादक पदार्थों से बेहतर बताते हैं।

कई दिनों तक रखता है बेसुध
स्नेक बाइट लेने के बाद कई मामलों में तो सात दिन तक बेसुध होने की रिपोर्ट भी मिली। ज्यादातर मामलों में स्नेक बाइट से नशा किए जाने का तब पता चला जब परिजन इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे तो करैत, कोबरा, ग्रीन स्नेक, रैटलस्नेक तक के उपयोग किए जाने की बात सामने आई है।

तो इतनी है इसकी कीमत
वहीं जानकारों का कहना है कि सांप के जहर का उपयोग दिल का दौरा, स्ट्रोक, अल्जाइमर, पार्किंसन रोग में किया जाता है। यह बहुत महंगा आता है। एक किलो जहर की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपये से दो करोड़ रुपये तक होती है। रेव पार्टियों में भी सबसे अधिक मांग कोबरा की ही होती है।

सांप के जहर के मामले में फंसे यूट्यूबर एल्विश यादव
रेव पार्टी कराने और सांपो के जहर का उपयोग कराने का आरोप यूट्यूबर एल्विश यादव पर लगा है। नोएडा पुलिस ने पांच लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया था। जिसमें से एक ने एल्विश का नाम लिया था। एल्विश यादव पर सांपो के जहर की सप्लाई को लेकर नोएडा पुलिस ने एफआईआर भी दर्ज की थी। जिसके बाद से एल्विश की मुश्किलें बढ़ती गईं। मेनका गांधी ने उनकी गिरफ्तारी की मांग तक कर डाली। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। दूसरी ओर एल्विश ने वीडियो जारी कर सभी आरोपों को गलत बताया है।

राजस्थान पुलिस ने हिरासत में लेकर की पूछताछ
शनिवार को कोटा में नाकाबंदी के दौरान एल्विश यादव को हिरासत में लेकर कोटा पुलिस ने करीब 20 मिनट पूछताछ भी की। हालांकि उसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया।