
Video: अथाॅरिटी अधिकारियों की लापरवाही से दफ्तर में लगी भीषण आग, हजारों फाइलें स्वाहा
नोएडा. नोएडा प्राधिकरण के प्रशासनिक भवन में बुधवार की सुबह अचानक आग लगने से हजारों फाइलें जल कर राख हो गई हैं। इससे सीएजी ऑडिट समेत कई प्रोजेक्ट पर असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि एसी में आग लगने की वजह से यह हादसा हुआ। प्रधिकरण के सीईओ आलोक टंडन ने जांच कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि प्राधिकरण दफ्तर में आग बुझाने के कोई इंतजाम नहीं थी, अगर प्राधिकरण अधिकारी सजग होते तो यह नौबत ही नहीं आती। चीफ फायर ऑफिसर अरुण कुमार सिंह का कहना है कि दफ्तर में सिर्फ आग बुझाने के नाम पर फायर एक्सटिंग्विशर लगे थे, बाकी कोई उपकरण नहीं था। साथ ही जो फायर एक्सटिंग्विशर थे, वह भी काम नहीं कर रहे थे और कई फायर एक्सटिंग्विशर तो एक्सपायर हो चुके थे। बता दें कि पत्रिका ने इससे पहले भी प्राधिकरण की लापरवाही को उजागर किया था।
बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे वर्क सर्किल-10 के पीछे एसी में आग लग गई थी। देखते-देखते आग ने विक्राल रूप धारण कर लिया। आग लगने के बाद मौजूद अधिकारियों ने तुरंत फायर विभाग को सूचन दी। सूचना के बाद दमकल विभाग की छह गाडिय़ां पहुंची और दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। बताया जा रहा है कि आग में वर्क सर्किल-10 के ऑफिस में पीछे की तरफ जूनियर इंजीनियर का रूम जलकर नष्ट हो गया। साथ ही एक कंप्यूटर कक्ष और ट्रैफिक सेल का कार्यालय भी जल गया। वर्क सर्किल-10 में रखी वर्षों की पुरानी फाइल जल गई हैं। साथ ही विकास कार्यों में सड़क, अंडरपास, यमुना पुल, समेत कई बड़ी परियोजनाएं से संबंधित फाइल भी जल गई हैं। वहीं कुछ बची हैं तो वह पानी में भीगकर बर्बाद हो गई हैं। हालांकि ट्रैफिक सेल फाइल नष्ट होने से इंकार कर रही है।
बताया जा रहा है कि जिस समय आग लगी उस दौरान दफ्तर में सीईओ आलोक टंडन समेत कई अधिकारी मौजूद थे। आग लगने के बाद टंडन ने ओएसडी अविनाश त्रिपाठी को जांच सौंपते हुए सात दिन में रिपोर्ट मांगी है। आग से प्राधिकरण दफ्तर की कई अलामारियां, एसी, पंखे, फर्नीचर, कुर्सी-टेबल, प्रिंटर, कंप्यूटर, फैक्स मशीन और फोटो कॉपी मशीन जल गई हैं। ओएसडी ने बताया कि फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चला सका है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
बता दें कि प्राधिकरण के जिस दफ्तर में आग लगी है, उसका चारों तरफ का ढांचा दीवार के साथ लकड़ी का बना हुआ है। छत पर फॉल सीलिंग लगी हुई है और ऊपर से पीवीसी प्लास्टिक की सीट लगी है। इस वजह से आग ने भयानक रूप लिया। चीफ फायर ऑफिसर अरुण कुमार सिंह का कहना है कि दफ्तर में सिर्फ आग बुझाने के नाम पर फायर एक्सटिंग्विशर लगे थे, बाकी कोई उपकरण नहीं था। साथ ही जो फायर एक्सटिंग्विशर थे, वह भी काम नहीं कर रहे थे और कई फायर एक्सटिंग्विशर तो एक्सपायर हो चुके थे। इसके अलावा पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे आग को काबू पाने में काफी देरी हुई।
पत्रिका ने पहले ही किया था आगाह
यहां बता दें कि पत्रिका ने 21 नवंबबर 2017 को प्राधिकरण अधिकारियों की लापरवाही उजागर करते हुए समाचार प्रकाशित किया था, जिसमें खुलासा करते हुए बताया था कि नोएडा प्राधिकरण के दफ्तर में आग से निपटने के काेर्इ इंतजाम नहीं हैं। उस दौरान सेक्टर-5 स्थित अग्निशमन विभाग के अधिकारी कुलदीप कुमार ने बताया था कि शहर में सभी सरकारी भवनों के निरीक्षण के दौरान प्राधिकरण दफ्तर में आग बुझाने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया था कि प्राधिकरण में आग बुझाने की सही व्यवस्था नहीं होने के चलते प्राधिकरण को कई साल से एनओसी जारी नहीं की गई है। पत्रिका ने 'नोएडा प्राधिकरण के पास नहीं है फायर एनओसी, हो सकता है बड़ा हादसा' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था।
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Published on:
27 Jun 2019 03:31 pm
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