25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

यूपी में इस बड़े हॉस्पिटल ने 4 घंटे में बनाए एक लाख का बिल, अस्पताल को नोटिस जारी

यूपी के नोएडा में एक प्राइवेट हॉस्पिटल ने चार घंटे का बिल एक लाख रुपये से ऊपर का बनाया है।

2 min read
Google source verification
fortis hospital made one lakh bill for one hour

नोएडा। प्राइवेट हॉस्पिटल में चल रही मनमानी और इलाज के नाम पर भारी भरकम बिल थमाने का मामले थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला है नोएडा का, जहां सेक्टर-62 स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल ने महज चार घंटे के इलाज के लिए एक लाख से अधिक का बिल परिजन को थमा दिया। इसके बावजूद पेशेंट की जान नहीं बची। लेकिन, इस मामले ने अब तुल पकड़ लिया है। पीड़ित परिवार ने इस बाबत सेक्टर-58 कोतवाली में इलाज में लापरवाही बरतने का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं, पुलिस ने अपनी रिपोर्ट सीएमओ को भेज दी है। इधर, सीएमओ ने फोर्टिस हॉस्पिटल को नोटिस जारी कर पूरे मामले पर जवाब मांगा है।

तीन सदस्यीय टीम का गठन

सीएमओ डॉ. अनुराग भार्गव ने बताया कि फोर्टिस नोएडा के संबंध में ज्यादा बिल वसूलने की शिकायत उनके पास आई है। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने तीन सदस्यीय टीम का गठन कर दिया है। यह टीम जांच करके एक महीने के भीतर रिपोर्ट देगी। इसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पीड़ित परिवार से भी बात करने को कहा है।

यह था मामला

सेक्टर-58 थाना पुलिस ने बताया कि मेरठ के सिकरोड़ के रहने वाले जोगिंदर उनके पास 7 दिसंबर को आए थे। इस दौरान बताया था कि उन्होंने अपनी बेटी श्वेता (21) को अचानक दौरा पड़ने के बाद बेहोश होने पर 18 नवंबर को गाजियाबाद स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया था। इलाज के बाद उसे वहां से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन 20 नवंबर को फिर से तबियत खराब होने पर रात में करीब 1 बजे उसे नोएडा के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान उसे आईसीयू में भर्ती करा दिया गया। अस्पताल में कोई सीनीयर डॉक्टर तक नहीं था। इसके बाद उन्हें बताया गया कि मरीज की तबीयत ज्यादा खराब है इसलिए वेंटिलेटर पर रखना पड़ेगा। सुबह करीब 5 बजे डॉक्टरों ने श्वेता को मृत घोषित कर दिया और उनके हाथ में एक लाख तीन हजार का बिल थमा दिया। उसे जमा करने के बाद ही उन्‍हें शव सौंपा गया। जोगिंदर ने जब इस मामले की शिकायत करने की बात अस्पताल प्रबंधन से की तो उन्हें बिल में 20 हजार रुपये की रियायत देने की बात कही गई। थाना-58 एसएचओ अनिल प्रताप सिंह ने बताया कि मामला दर्ज न करते हुए उन्‍होंने शिकायतकर्ता को बताया कि इसमें पहले जांच की जाएगी। उसके आधार पर ही मामला दर्ज किया जाएगा।