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प्रधान बनने के लिए चाहिए ये योग्यता और दस्तावेज, बिना गलती भरें नामांकन वरना हो जाएगा खारिज

Highlights: -त्रिस्तरीय चुनाव की घोषणा के बाद तैयारियों में जुटे भावी उम्मीदवार -शासन ने आरक्षण सूची भी की जारी -ग्राम प्रधान पद पर टिकीं हैं सभी निगाहें

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क

नोएडा। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election 2021) की घोषणा होने के साथ ही लोग पूरे जोर-शोर से तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं शासन द्वारा पंचायतों में आरक्षण (Election seat reservation list) की सूची भी जारी कर दी गई। उधर, सोशल मीडिया (Social Meida) पर भी इच्छुक भावी प्रत्याशियों (Canditate) के पोस्टर अभी से वायरल हो रहे हैं, जिसमें तरह-तरह के स्लोगन और वादों का इस्तेमाल किया गया है जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। वहीं चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा आरक्षण सूची को लेकर आपत्तियां दर्ज करवाने का समय दिया गया है। जिसके बाद 15 मार्च को सीटों के आरक्षण की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

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कई लोगों के बीच त्रिस्तरीय चुनाव को लेकर कई तरह के भ्रम भी होते हैं। जिनके बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं। दरअसल, राजनीतिक विशेषज्ञ डॉ रमेंद्र शर्मा बताते हैं कि हर पांच वर्ष पर ग्राम पंचायत चुनाव करवाए जाते हैं। इन चुनावों के माध्यम से ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य, ब्लॉक पंचायत सदस्या और ब्लॉक प्रमुख चुने जाते हैं। त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव में ग्राम प्रधान का पद सबसे अहम होता है। प्रधान ही अपने पंचायत के विकास और अन्य तमाम कार्यों को लिए जिम्मेदार होता है और उसे शासन की ओर विकास के लिए मिलने वाले पैसे को खर्च करने का अधिकार होता है। हालांकि प्रधान पद के लिए आवेदन करने के लिए चुनाव आयोग की कुछ शर्तें व अनिवार्य योग्यता होती हैं। जिन्हें पूरा होने पर ही कोई व्यक्ति प्रधान पद पर चुनाव लड़ सकता है।

प्रधान बनने के लिए ये हैं जरूरी योग्यता

1. उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए।

2. उम्मीदवार भारत का ही नागरिक होना चाहिए।

3. उम्मीदवार की मानसिक स्थिति बिल्कुल ठीक होनी चाहिए।

4. उम्मीदवार किसी भी मामले में दोषी करार दिए जाने के सजायाफ्ता नहीं होना चाहिए।

5.उम्मीदवार किसी भी सहकारी समिति या बैंक का बकायेदार नहीं होना चाहिए।

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शैक्षणिक योग्यताएं

वैसे तो देश के कई राज्यों में पंचायत चुनाव के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता की सीमा रखी गई है। लेकिन उत्तर प्रदेश में अभी तक शासन ने पंचायत चुनाव में भाग लेने वाले उम्मीदवारों के लिए शैक्षणिक योग्यता तय नहीं की है। जिसके चलते नामांकन करते समय उम्मीदवार को कोई भी शैक्षणिक सर्टिफेकेट देने की जरूत नहीं है।