21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली महिलाओं के लिए चला स्वास्थ्य अभियान, 11,300 महिलाएं को मिला फायदा

नोएडा के अलग-अलग इलाकों में गरीबी रेखा के नीचे रहने वाली महिलाओं के लिए एक स्वास्थ्य अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत मलिन बस्तियों, सरकारी स्कूलों, गांव और झुग्गी झोपड़ी में महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को शिविरों में मौजूद महिला डॉक्टरों ने सुना और उनका समाधान किया।

less than 1 minute read
Google source verification
noida news

स्वास्थ्य अभियान चलाके साथ ही साथ इन महिलाओं को अच्छे स्वास्थ्य के प्रति सचेत और जागरूक किया गया। इस शिविर का समापन शुक्रवार को राम नवमी के दिन हुआ है।

11,300 महिलाएं को मिला फायदा

इस नवरात्रि कई मंदिरों में देवी दुर्गा की भव्य आराधना हुई। गौतमबुद्ध नगर में 11 हजार से अधिक गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। इन शिविरों में विभिन्न स्थानों पर लगभग 11,300 महिलाएं लाभान्वित हुईं।

इन स्वास्थ्य शिविरों को सदरपुर, नोएडा कन्या इंटर कॉलेज भंगेल, भंगेल गांव, सलारपुर गांव, सेक्टर 10 स्लम, आर्ष कन्या गुरुकुल सोरखा गांव, सेंचुरी अपार्टमेंट, सेक्टर 100 नोएडा, रजापुर ब्लॉक, जिला गाजियाबाद, चेतराम शर्मा इंटर कॉलेज, आगापुर के पास की झुग्गियां, फिल्म सिटी नाले के पास की झुग्गियां, सूरजपुर, मामूरा गांव और सेक्टर 12 नोएडा सरकारी जूनियर हाई स्कूल और गेझा में लगाया गया था।

यह भी पढें: अखिलेश यादव ने कुछ ऐसे किया जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण

महिलाएं को मिली सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाएं

इन शिविरों को लगाने का उद्देश्य यह था कि जिन जगहों पर महिलाएं अपनी परेशानी और अपनी समस्या खुलकर किसी को नहीं बता पाती, वह महिला डॉक्टर के सामने अपनी समस्या का समाधान पा सकती है। इसके साथ ही बड़े अस्पताल में जाने से भी यह महिलाएं कतराती हैं। इन शिविरों के जरिए न केवल जागरूकता फैलाई गई बल्कि गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली महिलाओं को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सेवाएं भी प्रदान की गई।

क्या रही शिविर की खासियत

इस शिविर में प्रारंभिक चरण में बीमारियों का निदान, निःशुल्क परामर्श और सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से सस्ती सेवाओं का मार्गदर्शन किया गया। इसके साथ ही गर्भावस्था की जटिलताओं, पीसीओएस/पीसीओडी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का निदान और समाधान भी किया गया।