नोएडा के मल्टिप्लेक्स में बाजार से कई गुना महंगी मिलती है खाने-पीने की चीजें

नोएडा के मल्टिप्लेक्स में बाजार से कई गुना महंगी मिलती है खाने-पीने की चीजें

Rahul Chauhan | Publish: Apr, 08 2018 01:17:13 PM (IST) | Updated: Apr, 08 2018 02:12:18 PM (IST) Noida, Uttar Pradesh, India

मल्टिप्लेक्स में मिलने वाले फूड आइटम्स के दाम बाजार की तुलने में तीन से चार गुना अधिक होते हैं।

राहुल चौहान@पत्रिका

नोएडा। आज के दौर में युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक मल्टिप्लेक्स में फिल्म देखने के इच्छुक होते हैं और इस दौरान फूड आइटम्स का स्वाद मजा दोगुना कर देता है। हालांकि इसमें अक्सर लोगों की जेब चरमरा जाती है। जिसका कारण है यहां की कैंटीन में मिलने वाले फूड आइटम्स के दाम जो कि बाजार की तुलने में तीन से चार गुना अधिक होते हैं। वहीं बाहर से कुछ भी खाने-पीने का सामान अंदर नहीं ले जाने दिया जाता है।

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जिसके चलते लोगों को अंदर की खाने-पीने की चीजें लेने में मजबूरन ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं। फिर बात पानी से लेकर पॉपकॉर्न की ही क्यों न हो, हर आइटम इतना महंगा होता है कि खरीदने से पहले लोगों को कई बार सोचना पड़ता है। लोगों का कहना है कि फिल्म देखने के दौरान खाने-पीने का खर्चा उनके टिकट से अधिक होता है। अक्सर यह सवाल लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर भी उठाया जा चुका है, लेकिन इससे मल्टिप्लेक्स वालों को क्या लेना-देना।

बता दें कि पिछले ही दिनों बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनाई करते हुए मल्टिप्लेक्स की कैंटीन में मिलने वाले सामान की कीमत बाजार की तुलना में अधिक होने पर सवाल उठाते हुए नसीहत दी थी कि खाने-पीने के सामान रेग्युलर प्राइस पर ही बेचे जाने चाहिए। वहीं नोएडा के मल्टिप्लेक्स की बात करें तो यहां की कैंटीन में बिक रहे सामान की कीमत रेग्युलर प्राइस से कहीं अधिक है। यहां मिलने वाले पानी व कोल्ड ड्रिंक की एमआरपी बाजार की तुलने में कहीं अधिक है। वहीं पॉपकॉर्न, सैंडविच, बर्गर जैसे खुले सामान पर कोई एमआरपी नहीं होता, जिसके चलते इन चीजों को भी कई गुना अधिक दाम पर बेचा जाता है।

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सेक्टर-135 में रहने वाले दीपक चौहान बताते हैं कि वह हर वीकैंड पर मूवी देखना पसंद करते हैं। लेकिन इस दौरान उन्हें टिकट से अधिक खाने-पीने मंहगा पड़ता है। जिसे कई बार वह सोशल मीडिया पर साझा कर चुके हैं।

बाट माप-तौल अधिकारी कल्पना तोमर ने बताया कि बाजार और मल्टिप्लेक्स में एक ही आइटम की एमआरपी में फर्क तो हो सकता है लेकिन उससे अधिक पैसे कोई वसूल नहीं सकता। यदि कोई ऐसा करता है तो उसकी शिकायत की जा सकती है।

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सेक्टर-18 स्थित मूवी टाइम्स के मैनेजर मनीष शर्मा ने बताया कि खाने-पीने की चीजों के दाम कंपनी से तय होकर आता है। हमारे द्वारा दर्शकों के लिए समय-समय पर कई ऑफर भी देते रहते हैं, ताकि वह फिल्म देखने के साथ-साथ खाने-पीने के सामान का लुत्फ उठा सकें। उन्होंने बताया कि चीजें महंगी होने के पीछे का करण कैंटीन का रेंट व अन्य चार्ज भी है।

मल्टिप्लेक्स व बाजार में रेट (कीमत रु. में)

खाद्य पदार्थ : मल्टिप्लेक्स---------- बाजार

पॉपकॉर्न (1 बकेट) 220----------50

कोल्ड ड्रिंक 160 ----------40

पेटीज 120 ---------- 30

मफिन 100 ---------- 30

स्वीट कॉर्न 110 ---------- 40

750ml वॉटर बोतल 40 ---------- 20

बिग बर्गर 180 ---------- 70

पास्ता 200 ---------- 120

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