'हैसियत' पाने में छूट रहे हैं अच्छे-अच्छे के पसीने, लगा रहे ये जुगत

ऐसे मिलता है यह

By: virendra sharma

Published: 20 Nov 2018, 07:38 PM IST

नोएडा. शस्त्र लाइसेंस, शराब की दुकान के आवंटन समेत सरकारी विभाग में टेंडर लेने वालों को हैसियत प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। उत्तर प्रदेश में शस्त्र लाइसेंस से रोक हटने के बाद से कलेक्ट्रेट के शस्त्र विभाग में आवेदकों की भीड़ लग रही है। लाइसेंस लेने के लिए 2 हजार से ज्यादा लोग आवेदन कर चुके है। इनमें अधिकतर लोगों ने हैसियत प्रमाण पत्र नहीं लगाया है। प्रशासनिक अफसरों की माने तो बगैर हैसियत प्रमाण पत्र के लाइसेंस नहीं बनेगा। कलेक्ट्रेट में हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने वालों की भी भीड़ है, लेकिन ठीक से हैसियत नहीं दिखा पा रहे है। हम आपको हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया के बारे में बता रहे है।

अधिकतर युवा टशन दिखाने के लिए शस्त्र लाइसेंस लेते है। शस्त्र लाइसेंस के शौकीनों को हैसियत प्रमाण पत्र लगाना जरुरी है। टशन दिखाने के लिए अधिकतर युवाओं ने लाइसेंस के लिए आवेदन किया हुआ है। प्रशासन के पास जमा हुए आवेदन फार्म के अनुसार इनमें 24 से 28 साल के बीच के युवाओं की संख्या काफी अधिक है। प्रशासन की तरफ से हैसियत प्रमाण पत्र तभी जारी किया जाएगा, जब आवेदक 25 लाख रुपये की संपत्ति दिखाता है। ऐसे में उन्हें परिजनों की संपत्ति के कागजात दिखाने जरुरी है। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए युवा जुगत लगाने में जुटे है।

दिखानी होगी इतनी संपत्ति

हैसियत प्रमाण पत्र बनवाना अब आसान नहीं है। सरकार की तरफ से इस बार कुछ नियम बदल दिए गए है। अब 25 लाख से अधिक की संपत्ति होने पर ही हैसियत प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करना होगा। एसडीएम के सत्यापन के बाद ही हैसियत प्रमाण पत्र जारी हो सकेगा। यह प्रमाण डीएम स्तर पर जारी किया जाता है। जिले में हैसियत प्रमाण पत्र बनाने की नई व्यवस्था को अमल में लाने के लिए सभी एसडीएम को निर्देशित किया गया है।

अभी तक थी यह प्रक्रिया

हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अभी तक आवेदक को डीएम कार्यालय में आवेदन करना होता था। बाद में यह तहसील को भेजा जाता था। तहसील स्तर के अधिकारियों की तरफ से रिपोर्ट लगती थी। संस्तुति होकर आवेदन डीएम कार्यालय आता था। संस्तुति के आधार पर डीएम हैसियत प्रमाण पत्र जारी करते थे।

एक सप्ताह में जारी होता है प्रमाण पत्र

शासन की तरफ से आवेदन की तिथि से एक सप्ताह के अंदर हैसियत प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए हुए है। लेकिन अधूरे आवेदन की वजह से प्रशासन प्रमाण पत्र जारी नहीं करता है।

हैसियत प्रमाण पत्र के लिए सर्किल रेट जरूरी

हैसियत प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सर्किल रेट भी जरुरी है। राजस्व अभिलेख की प्रमाणित प्रति संलग्न करना अनिवार्य है। हैसियत प्रमाण पत्र के लिए भूमि के संबंध मेें विस्तृत रिपोर्ट, खतौनी साक्ष्य के रूप में संलग्न किया जाना आवश्यक है। साथ ही जमीन/भवन के मूल्यांकन में सर्किल रेट का भी उल्लेख किया जाता है। दरअसल में आवेदक के नाम जितनी जमीन व भवन है, उसकी कीमत का आकंलन देना बेहद जरुरी है। तभी जमीन व भवन के मूल्याकंन के बाद ही प्रशासन हैसियत प्रमाण पत्र के लिए अगली कार्रवाई करेगा।

 

 

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